रामनगर, 19 अक्टूबर (भाषा) कॉर्बेट बाघ अभयारण्य (सीटीआर) की 80 वर्षीय हथिनी सोनाकली की उम्र संबंधी स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण मौत हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सोनाकली की शनिवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि रविवार को वन विभाग के कर्मचारियों ने सोनाकली को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
सीटीआर के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने सोनाकली की मौत को अभयारण्य के लिए बड़ी क्षति बताया और कहा कि उसने कई बाघ बचाव अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
डॉ. बडोला के मुताबिक, सोनाकली को वर्ष 1997 में कॉर्बेट बाघ अभयारण्य में लाया गया था और तब से लेकर 2002 तक उसने ढिकाला क्षेत्र में सेवाएं दीं, जिसके बाद 2016 तक वह हल्दूपड़ाव और कालागढ़ क्षेत्र में तैनात रही।
उन्होंने बताया कि 2016 से लेकर सेवा मुक्त किए जाने तक उसने ढिकाला रेंज में सेवाएं दीं।
कई वन्यजीव संरक्षण और बाघ बचाव अभियानों में शामिल रही सोनाकली को 23 जनवरी 2018 को सेवा मुक्त कर दिया गया था।
भाषा
सं दीप्ति पारुल
पारुल