मुंबई, 19 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस चोकलिंगम से मुलाकात की और मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया बेहद जटिल होने से नागरिकों को परेशानी हो रही है जिससे पात्र मतदाताओं के सूची से बाहर होने की आशंका रहेगी।
बैठक के बाद कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप लगाया और सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाने के लिए चुनिंदा मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
गायकवाड़ ने कहा कि कांग्रेस ने कथित गड़बड़ियों के ‘‘सबूत’’ सौंपे हैं और चोकलिंगम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचाने के लिए मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाने के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान के दौरान फॉर्म-छह, सात और आठ के संबंध में कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
लोकसभा सदस्य गायकवाड़ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
गायकवाड़ के अनुसार, सीईओ ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन दिया कि आयोग इस मुद्दे पर एक अधिसूचना जारी करेगा।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि मतदाताओं को आपत्तियों का जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
गायकवाड़ ने सवाल उठाया, ‘‘जब महाराष्ट्र में 2029 तक कोई चुनाव नहीं हैं, तो एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने की इतनी जल्दी क्यों है?’’
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री असलम शेख और नसीम खान, विधायक अमीन पटेल, विधायक ज्योति गायकवाड़ और पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
भाषा खारी नरेश
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