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नशा विरोधी कार्यकर्ता हत्याकांड: अमित शाह से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करेंगे पिता

चंडीगढ़/मानसा, 19 अक्टूबर (भाषा) नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने सोमवार को कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान उनसे मुलाकात करेंगे और अपने बेटे की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग करेंगे।

शाह ने रविवार को घोषणा की थी कि वह मंगलवार को पंजाब का दौरा करेंगे तथा इस दौरान वह मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में हाल में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया था कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने ‘‘राज्य को नशे के दलदल में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।’’

दवा की दुकानों पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पहचाने जाने वाले झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

दुकान के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था। उसपर आरोप है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने पर सवाल उठाए जाने के बाद उसने झोटा पर गोलियां चलाई थीं।

इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

पूर्व सैनिक भीम सिंह से जब पूछा गया कि क्या वह शाह के समक्ष सीबीआई जांच का मुद्दा उठाएंगे, तो उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मांग रखेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री पर भरोसा है।

सिंह ने सोमवार को मानसा में पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं अमित शाह जी से अनुरोध करता हूं कि जल्द से जल्द सीबीआई जांच के आदेश दिए जाएं।’’

बाद में सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री से अपील की कि वह धरना स्थल पर आने के बजाय व्यक्तिगत रूप से उनके परिवार से मुलाकात करें। उन्होंने कहा कि शाह उनके परिवार को न्याय दिला सकते हैं।

सिंह ने कहा कि वह मंत्री का सम्मान करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर उनका (शाह का) विरोध होता है, तो यह मेरा विरोध है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई गृह मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करता है, तो यह हमारे लिए अपमान की बात होगी।’’

भीम सिंह का यह बयान झोटा हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करने के लिए गठित संयुक्त कार्रवाई समिति के एक दिन पहले दिए गए बयान के बाद आया है। समिति ने कहा था कि वह अमित शाह को धरना स्थल पर मंच साझा नहीं करने देगी।

समिति के एक सदस्य ने कहा कि वे लोग शाह का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सीमा पार से मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने में विफल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस विरोध प्रदर्शन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मिलाकर गठित संयुक्त कार्रवाई समिति झोटा की हत्या के मामले में सीबीआई जांच कराने, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के इस्तीफे तथा मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), थाना प्रभारी (एसएचओ) और औषधि निरीक्षक को बर्खास्त करने की मांग कर रही है।

झोटा की हत्या के छह दिन बाद भी उनका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। उनके परिजन और समर्थक न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं।

झोटा के परिजन और समर्थक उनकी हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर मानसा में धरना दे रहे हैं।

पंजाब सरकार ने झोटा के परिवार और संयुक्त कार्रवाई समिति से बातचीत करने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तीन महिला अधिकारियों की एक समिति गठित की है।

इस तीन सदस्यीय समिति में नवजोत कौर, कंवलप्रीत कौर बराड़ और अपनीत रियात शामिल हैं।

भाषा खारी राजकुमार

राजकुमार