इंफाल, 19 अक्टूबर (भाषा) मणिपुर में जंगल से जलावन की लकड़ियां इकट्ठा कर रहे तीन लोगों की संदिग्ध उग्रवादियों ने सोमवार को कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी जिसके बाद स्थानीय लोगों ने शवों को यहां मुख्यमंत्री आवास के बाहर रखकर प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने बताया कि इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर जलावन की लकड़ियां इकट्ठा करने वालों के एक समूह पर उग्रवादियों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से तीन अन्य लोग भी घायल हो गए और तीन अन्य लापता बताए जा रहे हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि अरुबम रोनिल (35) और लैरेनलकपम इनाओबी (51) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि क्षेत्रिमयूम सुशील (32) ने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों एन सूरज (19), मेइसनाम सोमेंद्रो (53) और के. बोसन (45) का उपचार किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब सात बजे गांव के पास की पहाड़ियों में लकड़ी बीनने गए 16 लोगों के समूह पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया।
राज्य में मई 2023 से जारी हिंसा से आक्रोशित स्थानीय लोग शवों को राज्य की राजधानी ले आए। उन्होंने बाबूपारा स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य द्वार के बाहर शवों को रखकर विरोध जताया।
हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री आवास के भीतर मौजूद थे या नहीं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे, जिसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) ले जाया गया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास (सीएम बंगला) और वहां जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
प्रदर्शनकारियों ने खुरई लामलोंग में सड़क जाम कर दी, जबकि महिलाओं के एक समूह ने इंफाल के ‘इमा कैथेल’ (इमा मार्केट) में विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद इंफाल भर में बाजार और दुकानें बंद रहीं।
आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह घायलों का हालचाल जानने निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
भाषा
खारी नरेश
नरेश