मुंबई, 19 अक्टूबर (भाषा) रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तीन पैसे टूटकर 94.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच रुपये पर दबाव रहा।
रुपये में सोमवार को आई गिरावट के साथ ही इसमें लगातार छह कारोबारी सत्रों से जारी तेजी थम गई।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.90 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.75 के उच्चस्तर तक गया और 94.97 के निचले स्तर तक आया।
अंत में रुपया 94.92 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले तीन पैसे की गिरावट है।
रुपया शुक्रवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ 10 पैसे मजबूत होकर 94.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डॉलर की हाजिर मांग नियंत्रित करने के उपायों से रुपये को समर्थन मिला था।
रुपये में 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान करीब दो प्रतिशत की मजबूती आई थी।
लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘आरबीआई के उपायों से अल्पकालिक मुद्रा उतार-चढ़ाव को स्थिर करने में मदद मिल सकती है, लेकिन रुपये में टिकाऊ सुधार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी, विदेशी पूंजी प्रवाह में सुधार और बाहरी दबाव कम होना जरूरी है।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत बढ़कर 101.93 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 1.17 प्रतिशत गिरकर 108.58 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘डॉलर में कुल मिलाकर कमजोरी और अमेरिकी बॉण्ड पर प्रतिफल घटने से रुपये को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी रुपये की बढ़त को सीमित कर सकती हैं।’’
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 876.37 अंक टूटकर 73,852.90 अंक पर जबकि निफ्टी 257.20 अंक फिसलकर 22,888.95 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 1,165.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
भाषा यासिर अजय
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