(फाइल फोटो सहित)
चंडीगढ़, 19 अक्टूबर (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने मानसा में मादक पदार्थ विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग करते हुए सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा।
लोकसभा में बठिंडा सीट का प्रतिनिधित्व करने वालीं हरसिमरत ने पंजाब में नेताओं, पुलिस और नशे के कारोबार के बीच कथित गठजोड़ की व्यापक जांच कराने की मांग भी की।
गृह मंत्री को लिखे पत्र में हरसिमरत ने कहा कि मारे गए नशा विरोधी कार्यकर्ता के पिता भीम सिंह ने पुलिस को एक बयान दिया था, जिस पर कथित तौर पर ‘कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।’ उन्होंने मांग की कि सीबीआई सिंह के बयान के सभी पहलुओं की जांच करे।
उन्होंने कहा कि झोटा के पिता भीम सिंह ने दावा किया था कि पंजाब में मादक पदार्थ के कारोबार के पीछे कथित तौर पर नेताओं और पुलिस के बीच गठजोड़ है और उनके बेटे की इसी गठजोड़ के कारण जान गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि इस गठजोड़ को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
हरसिमरत ने दावा किया, ‘‘भीम सिंह ने यह भी बताया कि उनके बेटे ने अश्वनी कुमार की दवा की दुकान पर जाने से पहले मानसा के पुलिस उपाधीक्षक को इसकी सूचना दी थी। अश्वनी कुमार ने ही झोटा को गोली मारी थी। इसके अलावा, झोटा को गोली मारने से पहले अश्वनी ने किसी व्यक्ति से काफी देर तक बातचीत की थी। ये बातें इस जघन्य घटना के पीछे बड़ी साजिश होने की ओर इशारा करती हैं।’’
सांसद ने कहा कि भीम सिंह ने अपने बेटे की पूरी कहानी बताई थी। इसमें मानसा में दवा की दुकानों से संचालित नशे के कारोबार का पर्दाफाश करने से लेकर, इस सिलसिले में झूठे मामलों में फंसाए जाने और गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने तक की घटनाएं शामिल थीं।
उन्होंने हत्या के पीछे शामिल सभी लोगों को बेनकाब करने के लिए सीबीआई जांच के साथ-साथ पंजाब में नेताओं, पुलिस और नशे के कारोबार के बीच कथित गठजोड़ की व्यापक जांच कराने की भी मांग की।
भाषा आशीष वैभव
वैभव