शबरिमला (केरलम), 19 अक्टूबर (भाषा) त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के. जयकुमार द्वारा शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में ‘अरवण’ का पर्याप्त भंडार होने और प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख टिन तैयार किए जाने की जानकारी दिए जाने के एक दिन बाद भी प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं को लंबी कतारें देखी गईं।
टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित दृश्यों के अनुसार ‘अरवण पायसम’ वितरण के लिए बने लगभग एक-तिहाई काउंटर बंद थे, जबकि शेष खुले काउंटरों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं।
एक श्रद्धालु ने मीडिया को बताया कि उसे ‘अरवण’ और ‘अप्पम’ का एक-एक टीन खरीदने के लिए दो घंटे से इंतजार करना पड़ रहा है।
लाल चावल, गुड़, घी, इलायची पाउडर और सोंठ से तैयार होने वाला गाढ़ा, मीठा व्यंजन ‘अरवण’ तथा चावल और गुड़ जैसी सामग्रियों से बनने वाला पारंपरिक मीठा पकवान ‘अप्पम’, शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के दो प्रमुख प्रसाद हैं।
श्रद्धालु ने कहा, ‘‘भगवान अयप्पा के दर्शन के इंतजार से ज्यादा समय अरवण खरीदने में लग रहा है।’’
जयकुमार ने रविवार को कहा था कि शबरिमला में अरवण के दो लाख टीन का शुरुआती भंडार उपलब्ध है और प्रतिदिन 1.5 लाख टिन तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा था कि वहां पांच वेंडिंग मशीन लगाई गई हैं, जहां लोग बिना लाइन में लगे रुपये देकर अरवण के टिन ले सकते हैं।
टीडीबी अध्यक्ष ने आश्वासन दिया था कि 17 नवंबर से शुरू होने वाली आगामी तीर्थयात्रा के दौरान मंदिर में अरवण की कोई कमी नहीं होगी।
शबरिमला मंदिर फिलहाल ‘तुला मासम’ पूजा के लिए 18 से 22 अक्टूबर तक खुला हुआ है।
भाषा खारी प्रशांत
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