पलक्कड़ (केरलम), 19 अक्टूबर (भाषा) केरलम के पूर्व मंत्री के कृष्णनकुट्टी ने सोमवार को बिजली दरों से जुड़ी नई पांच वर्षीय नीति के लिए यूडीएफ सरकार के कथित कुप्रबंधन और खराब योजना को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि बिजली की ऊंची दरों और अतिरिक्त शुल्क से आम लोगों पर बोझ बढ़ेगा।
यहां संवाददाताओं से बातचीत में कृष्णनकुट्टी ने कहा कि एलडीएफ सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान उचित योजना के जरिए केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) को एक लाभ कमाने वाले संस्थान में बदल दिया था।
केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा घोषित नई बिजली दर नीति एक अप्रैल 2027 से लागू होगी। इसका उद्देश्य केएसईबी को हुए करीब 5,000 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई करना है।
पूर्व बिजली मंत्री ने कहा कि यह देखना बाकी है कि आयोग ने नुकसान की गणना किस तरह की है, क्योंकि बिजली की बार-बार कटौती और लोड शेडिंग के कारण बिजली की खपत कम हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह नुकसान मौजूदा सरकार के कुप्रबंधन या उचित योजना की कमी के कारण हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि नई नीति का आम लोगों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
कृष्णनकुट्टी ने कहा कि यदि सरकार केएसईबी से वसूले जाने वाले करों को माफ कर दे, तो स्थिति को कुछ हद तक आसान बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बैटरी भंडारण सुविधाओं का काम पूरा होने से भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
भाषा संतोष
संतोष