कीव, 19 अक्टूबर (एपी) यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि रूस ने बैलिस्टिक मिसाइल और जेट इंजन चालित ड्रोन का इस्तेमाल करके यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर फिर हमले किए हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि इस बार भी कीव को हमले की कोई पूर्व चेतावनी सहयोगी देशों से नहीं मिली, जबकि पहले ये देश ऐसी खुफिया जानकारी साझा करते रहे हैं।
जेलेंस्की को हाल में वाशिंगटन के उन कदमों के प्रभावों से भी जूझना पड़ रहा है, जिनसे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फायदा हुआ है। इनमें मॉस्को पर अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट देना और रूस से डीजल आयात करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करना शामिल है।
जेलेंस्की ने कहा कि इस बीच, अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट सेवा के सैन्य इस्तेमाल वाले संस्करण के उपयोग पर यूक्रेन पर लगी पाबंदियों से यूक्रेन के ड्रोन अभियान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अमेरिका में निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों की भारी कमी की वजह से यूक्रेन पर हमलों का खतरा बढ़ गया है।
पश्चिमी देशों की ओर से खुफिया जानकारी साझा किए जाने से यूक्रेन को रूस की विनाशकारी बैलिस्टिक मिसाइल का मुकाबला करने और मॉस्को के आक्रमण को रोकने में मदद मिली है। रूस ने साढ़े चार साल पहले यूक्रेन पर हमला शुरू किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वाशिंगटन ने कीव को खुफिया जानकारी देना बंद नहीं किया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी सोमवार को यही बात दोहराई।
रुबियो ने कहा कि उन्हें पिछली रात रूस की ओर से किए गए हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि रात में रूस की ओर से किए गए भीषण हमले में देशभर में ऊर्जा बुनियादी ढांचे से जुड़े 10 से अधिक केंद्रों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि इससे पांच लाख से अधिक लोगों को बिजली और नल से मिलने वाले पानी की आपूर्ति बाधित हुई।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने कीव और उसके आसपास के क्षेत्र में 16 बैलिस्टिक मिसाइल दागीं। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी कीव में हमले में 21 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने यूक्रेन के भीतर ठिकानों पर व्यापक हमला किया। उसने कहा कि इन ठिकानों में एक डेटा सेंटर, ड्रोन और क्रूज मिसाइल के कलपुर्जे रखने वाला एक साजोसामान केंद्र, ड्रोन के कलपुर्जे बनाने वाली एक औद्योगिक इकाई और मिसाइल रखे जाने वाला एक रेल इंजन डिपो शामिल हैं।
ट्रंप ने जेलेंस्की पर आरोप लगाया है कि वह नहीं चाहते कि रूस का आक्रमण समाप्त हो। वहीं, शांति स्थापित करने के लिए वाशिंगटन के प्रयासों में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। यहां तक कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने के लिए ट्रंप की मांग पर हुआ हालिया संघर्षविराम भी बेअसर रहा।
रूस की बड़ी सेना के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा में पश्चिमी देशों की मदद महत्वपूर्ण रही है। हालांकि, कीव में यह आशंका बढ़ गई है कि ट्रंप यूक्रेन का साथ छोड़ सकते हैं।
पश्चिमी विश्लेषकों और अधिकारियों के अनुसार, पुतिन मानते हैं कि वह यूक्रेन के लिए विदेशी समर्थन कमजोर पड़ने का इंतजार कर सकते हैं और इसके बाद रूस की बड़ी सेना यूक्रेन के प्रतिरोध को कुचल देगी।
जेलेंस्की ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा, “यूक्रेन ने कभी यह युद्ध नहीं चाहा और हमने युद्ध को सम्मानजनक तरीके से समाप्त करने के अपने सहयोगियों की ओर से हर प्रयास का स्वागत किया है। हमने संघर्षविराम के हर प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।”
उन्होंने कहा, “हकीकत यह है कि युद्ध जारी है और ऐसा केवल रूस के हमलों तथा युद्ध को लंबा खींचने की रूस की इच्छा के कारण हो रहा है।”
यूक्रेन ने मोर्चे पर रूस की बड़ी सेना को आगे बढ़ने से रोका है और रूस के भीतर दूर तक हमले करके जवाब दिया है। इन हमलों में तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया, जिससे ईंधन की कमी पैदा हुई।
यूक्रेन ने रविवार को रूस पर एक हजार से अधिक ड्रोन दागे। यह युद्ध के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक था। इन हमलों में सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात टर्मिनल और एक डिपो में आग लग गई।
रूस ने यूक्रेन में आम जनजीवन को बाधित करने और नागरिकों को परेशान करने के लिए ड्रोन एवं मिसाइल से हमले किए हैं। इन हमलों में रेलगाड़ियों, शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंप और सुपरमार्केट को निशाना बनाया गया।
एपी अमित वैभव
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