नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) भारत की वाहन प्रौद्योगिकी (ऑटो टेक) क्षेत्र की कंपनियों ने इस साल अबतक 97 निवेश दौर में 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। डेटा विश्लेषण मंच ‘ट्रैक्सन’ की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान सबसे अधिक निवेश ऑनलाइन बुकिंग पर कैब सेवा देने वाली कंपनी रैपिडो ने जुटाया। उसे 24 करोड़ अमेरिकी डॉलर मिले। इसके बाद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विनिर्माता सिंपल एनर्जी ने 18 करोड़ अमेरिकी डॉलर और रिवर ने 10.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए।
‘इंडिया ऑटो टेक-2026 वाईटीडी’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय वाहन प्रौद्योगिकी कंपनियों ने 2026 में अबतक 97 दौर में 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। इसकी तुलना में 2025 में 195 दौर में 2.1 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए गए थे। निवेश के इन आंकड़ों में केवल इक्विटी के जरिये जुटाई गई राशि शामिल है।
स्वचालित पार्किंग समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी सोतेफिन का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के समय बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक 3.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा। इसके बाद विक्ट्री ईवी इंडिया का 1.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर और वाहन सहायक उपकरण बनाने वाली कंपनी ऑटोफर्निश का 60 लाख अमेरिकी डॉलर बाजार पूंजीकरण रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में 3.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर या इससे अधिक राशि जुटाने वाले 10 निवेश दौर हुए, जिनमें कुल 90 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए गए। यह कुल जुटाई गई 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि का करीब 70 प्रतिशत है। शेष 87 निवेश दौर में लगभग 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए गए।
पुरानी या सेकेंड हैंड कार बेचने वाली कंपनी कार्स24 ने इस साल जनवरी में 4.44 करोड़ अमेरिकी डॉलर में कारइन्फो का अधिग्रहण किया। इसके बाद मार्च में उसने व्हीकलइन्फो का अधिग्रहण किया। वहीं, रोडजेन ने व्हीकलकेयर और 91ट्रक्स ने मार्च में मोटरफ्लोर का अधिग्रहण किया।
भाषा योगेश अजय
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