नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने जाली पासपोर्ट और वीजा रखने के आरोप में गिरफ्तार नाइजीरियाई नागरिक को इस बात पर गौर करते हुए जमानत दे दी कि वह 13 महीने से जेल में है और मामले की जांच पूरी हो चुकी है।
विशेष न्यायाधीश धीरज मोर ने निर्देश दिया कि न्वाचुकु बेंजामिन ओडिनाका को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो स्थानीय जमानत गारंटी देने पर रिहा किया जाए।
ओडिनाका को 14 सितंबर 2025 को दो अन्य सह-आरोपियों में से एक के बयान के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से कथित तौर पर मादक पदार्थ मिले थे।
अदालत ने 14 अक्टूबर के एक आदेश में कहा, ‘‘इस मामले की सुनवाई में काफी समय लगने की संभावना है। आरोपी की स्वतंत्रता में और अधिक कटौती करने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अभियोजन पक्ष के सभी गवाह या तो सरकारी अधिकारी हैं या फिर सरकार की ओर से विशेषज्ञ गवाह हैं।’’
इसने गौर किया कि आरोपी एक साल और एक महीने से हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, लेकिन अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं। इस मामले में अभियोजन पक्ष के 26 गवाह हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 10 सितंबर 2025 को की गई एक छापेमारी से संबंधित है, जो दो अफ़्रीकी नागरिकों के कोकीन बेचने की गुप्त सूचना मिलने के बाद की गई थी।
पुलिस ने दोनों अफ्रीकी नागरिकों के पास से कथित तौर पर 358.4 ग्राम कोकीन और 435.9 ग्राम अफीम बरामद की थी।
इसके बाद, एक सह-आरोपी के बयान के आधार पर बुराड़ी में एक जगह पर छापा मारा गया, जिसके परिणामस्वरूप 14 सितंबर 2025 को ओडिनाका को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से कथित तौर पर जाली पासपोर्ट और वीजा बरामद हुए थे।
भाषा सुभाष नेत्रपाल
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