जकार्ता, 19 अक्टूबर (भाषा) भारतीय दूतावास ने कहा है कि वर्ष 2024 में भारत में बचाए गए सुमात्रा मूल के ओरंगुटान के एक बच्चे को दोनों देशों के वन्यजीव अधिकारियों और सीआईटीईएस प्रबंधन प्राधिकरणों के समन्वित प्रयासों से सोमवार को इंडोनेशिया वापस भेज दिया गया।
इस ओरंगुटान को गुजरात से उसके मूल देश के लिए भेजा गया और वह मेदान के कुआलानामु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा।
मेदान में इंडोनेशिया के वन मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारी भी शामिल हुए।
बचाए जाने के बाद से, भारतीय वन्यजीव अधिकारियों ने इस वन्य जीव को पशु चिकित्सा देखभाल और रहने के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं।
जकार्ता में भारतीय मिशन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारत और इंडोनेशिया के ‘कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फौना एंड फ्लोरा’ (सीआईटीईएस) से जुड़े प्रबंधन प्राधिकरणों ने सभी जरूरी नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इसे वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की।
बयान में कहा गया है कि एक विशेष कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने ओरंगुटान की देखभाल पर हुए खर्च को नहीं लेने का निर्णय लिया है।
भारतीय मिशन ने कहा कि इसे सफलतापूर्वक वापस भेजना भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है, साथ ही यह लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
इस बीच, सितंबर में ओडिशा में बचाए गए पांच ओरंगुटान को भी वापस भेजने की कोशिशें जारी हैं, हालांकि इसके लिए उनकी प्रजाति और मूल स्थान की पुष्टि होना तथा जरूरी प्रक्रियाओं का पूरा होना आवश्यक है।
बचाए गए इन पांच ओरंगुटान की अभी भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में देखभाल की जा रही है।
भाषा
संतोष सुभाष
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