इंफाल, 19 अक्टूबर (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने सोमवार को कहा कि पिछले एक साल में राज्य में लगभग 3,000 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती नष्ट कर दी गई और मादक पदार्थों की तस्करी के संदेह में 467 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
यहां ‘फर्स्ट मणिपुर राइफल्स ग्राउंड’ में मणिपुर पुलिस के 135वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अफीम की अवैध खेती और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “पुलिस और अन्य एजेंसियां स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं और पूरे राज्य में मादक पदार्थ नेटवर्कों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें खत्म करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।”
सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि इन निरंतर प्रयासों से लोगों को स्वेच्छा से हथियार सौंपने के लिए भी प्रोत्साहन मिला है।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों और राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अच्छे कार्यों की सराहना करें और कमियों को रचनात्मक ढंग से उजागर करें, ताकि उन्हें दूर किया जा सके।
उन्होंने कहा, “बेवजह की आलोचना राज्य की प्रगति को नुकसान पहुंचाएगी और शांति बहाल करने में कोई योगदान नहीं देगी।”
सिंह ने पुलिस बल को आधुनिक बनाने और मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
चुराचांदपुर में पहली इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के कमांडेंट, पौखानमुंग गुइटे ने इस कार्यक्रम में परेड कमांडर का दायित्व निभाया।
अधिकारियों ने बताया कि 2023 की जातीय हिंसा के बाद से, इंफाल में किसी राजकीय कार्यक्रम में परेड कमांडर के तौर पर सेवा देने वाले, कुकी-ज़ो समुदाय के वह पहले पुलिस अधिकारी हैं।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2008 से 19 अक्टूबर को पूरे मणिपुर पुलिस बल के सामूहिक स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
भाषा प्रशांत सुभाष
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