बेंगलुरु, 19 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने सोमवार को कहा कि राज्य के बड़े हिस्से में सूखे की स्थिति “बेहद गंभीर” बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में भारी नुकसान हुआ है और पशुओं के चारे तथा पीने के पानी की कमी लगातार बढ़ रही है।
परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से सूखा राहत राशि मांगने के लिए तीसरा ज्ञापन तैयार कर रही है, जिसे अगले दो दिन में सौंपे जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से सहायता मिलने का इंतजार किए बिना अपने संसाधनों से राहत कार्य कर रही है।
राजस्व विभाग का प्रभार भी संभालने वाले परमेश्वर ने यहां पत्रकारों से कहा कि उन्होंने उत्तर कर्नाटक के कुछ हिस्सों समेत सूखाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया है और स्थिति का आकलन करने के लिए किसानों से बातचीत की है।
परमेश्वर ने कहा, “हालांकि कुछ इलाकों में हाल ही में बारिश हुई है, लेकिन राज्य के बड़े हिस्से में सूखे की गंभीरता कम नहीं हुई है।”
उन्होंने बताया कि खाद्यान्न उत्पादन में अनुमानित 82 प्रतिशत का नुकसान हुआ है, पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता कम हो गई है तथा पीने के पानी की कमी भी लगातार गंभीर होती जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कई इलाकों में टैंकरों और किराये पर लिए गए निजी बोरवेल के जरिए पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, यदि पानी के मौजूदा स्रोत सूख जाते हैं, तो स्थिति और बिगड़ सकती है तथा टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
भाषा जोहेब नेत्रपाल
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