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दिल्ली: मानकों पर खरे नहीं उतरे सात अवजल शोधन संयंत्र

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में सितंबर माह में कम से कम सात अवजल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) से निकलने वाले पानी में मौजूद गंदगी को खत्म करने के लिए सूक्ष्मजीवों को जरूरी ऑक्सीजन की मात्रा और मलजनित कोलीफॉर्म का स्तर निर्धारित मानकों से अधिक पाया गया।

दिल्ली में 30 से अधिक अवजल शोधन संयंत्रों की जांच के आधार पर तैयार दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (छीपीसीसी) की रिपोर्ट में इनके प्रवेश और निकास बिंदुओं से लिए गए नमूनों के आंकड़े दिए गए हैं।

रिपोर्ट में यमुना विहार फेज-तीन स्थित संयंत्र में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वहां से लिए गए नमूने में शोधित जल में दिखाई देने वाली गंदगी, पानी में मौजूद गंदगी को खत्म करने के लिए सूक्ष्मजीवों को जरूरी ऑक्सीजन की मात्रा और मलजनित कोलीफॉर्म का स्तर तय सीमा से अधिक पाया गया।

इसमें कहा गया कि यमुना विहार फेज-तीन स्थित अवजल शोधन संयंत्र से शोधित होकर निकलने वाले पानी में मलजनित जीवाणु का स्तर 64,000 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर पाया गया, जबकि इसकी अनुमेय सीमा 230 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर है।

यमुना विहार फेज-तीन स्थित इस संयंत्र से निकलने वाले पानी के नमूने में दिखी गंदगी का स्तर 109 मिलीग्राम प्रति लीटर पाया गया, जबकि निर्धारित सीमा 10 मिलीग्राम प्रति लीटर है।

इसी तरह, पानी में मौजूद गंदगी को खत्म करने के लिए सूक्ष्मजीवों को जरूरी ऑक्सीजन की मात्रा 42 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि इसकी अनुमेय सीमा 10 मिलीग्राम प्रति लीटर है।

रिपोर्ट के अनुसार, महरौली स्थित अवजल शोधन संयंत्र से लिए गए नमूने में मलजनित जीवाणु का स्तर 11,000 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर पाया गया।

निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले अन्य संयंत्रों में यमुना विहार फेज-एक, ओखला, केशोपुर, घिटोरनी और वसंत कुंज स्थित एक संयंत्र शामिल हैं।

घिटोरनी स्थित संयंत्र से लिए गए नमूने में मलजनित जीवाणु का स्तर 17,000 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर तक पाया गया, जो बहुत अधिक है।

वहीं, वसंत कुंज स्थित संयंत्र के नमूने में मलजनित जीवाणु का स्तर 8,100 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया।

डीपीसीसी यमुना नदी और अन्य जल स्रोतों में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से अवजल शोधन संयंत्रों की कार्यक्षमता का आकलन करने और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली में समय-समय पर इनकी जांच करती है।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल