मनीला, 19 अक्टूबर (एपी) फिलीपीन सरकार ने सोमवार को चीन के राजदूत को तलब कर बल प्रयोग संबंधी उनकी विवादित टिप्पणियों पर विरोध दर्ज कराया। फिलीपीन इस तरह की टिप्पणियों को बल प्रयोग की धमकी मानता है।
सरकार ने कहा कि वह विवादित दक्षिण चीन सागर में बीजिंग की गतिविधियों की आलोचना करने वाले फिलीपीन के अधिकारियों को डराने-धमकाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करेगी।
मनीला स्थित विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री मारिया टेरेसा लजारो ने बृहस्पतिवार को चीनी राजदूत जिंग क्वान के बयान पर फिलीपीन सरकार की गंभीर चिंता और कड़ी आपत्ति से उन्हें अवगत कराया।
दक्षिण चीन सागर के क्षेत्रों को लेकर चीन और फिलीपीन के बीच लंबे समय से विवाद है। हालांकि, फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के कार्यकाल में हाल के वर्षों में मनीला और बीजिंग के बीच समुद्र में तनावपूर्ण टकराव और तीखी बयानबाजी बढ़ गई है।
चीन इस महत्वपूर्ण वैश्विक व्यापार मार्ग वाले समुद्री क्षेत्र के लगभग पूरे हिस्से पर अपना संप्रभु अधिकार होने का दावा करता है। फिलीपीन, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी इस समुद्री क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों पर अपना दावा करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह आवश्यक समझे जाने पर आगे की कूटनीतिक कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। फिलीपीन के कुछ सांसदों ने चीनी राजदूत की निंदा करने या उन्हें देश से निष्कासित करने की मांग की है।
चीनी सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन मनीला स्थित उसके दूतावास ने शुक्रवार को कहा कि फिलीपीन के विदेश मंत्रालय के शुरुआती बयान में जिंग की टिप्पणी पर खेद जताते हुए उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और जरूरत से ज्यादा अर्थ निकालने का प्रयास किया गया था।
बृहस्पतिवार को मनीला में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों ने जिंग से फिलीपीन के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टेओडोरो जूनियर की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें उन्होंने चीन को क्षेत्र में ‘समस्या पैदा करने वाला’ बताया था।
जिंग ने इस टिप्पणी को ‘बकवास’ करार दिया और कहा कि फिलीपीन को खुशकिस्मत महसूस करना चाहिए कि चीन उसका पड़ोसी है।
जिंग ने कहा, ‘‘अगर हम बल प्रयोग करना चाहें, तो हम आसानी से जीत सकते हैं। लेकिन नहीं, हम बल प्रयोग का रास्ता नहीं चुनेंगे और हम शांति चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में शांति है। दूसरे क्षेत्रों को देखिए- यूक्रेन, गाजा और यहां तक कि वेनेजुएला।’’
एपी संतोष सुरेश
सुरेश