नागोया, 19 अक्टूबर (भाषा) पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल सहित भारत के तीन टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों के सेमीफाइनल में प्रवेश किया जिससे देश के तीन अलग-अलग वर्गों में पदक पक्के हो गए।
प्राची पांडे ने महिला वर्ग छह के मुकाबले में थाईलैंड की कानोकपॉर्न फाथुमचाई को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई सोनलबेन ने वर्ग तीन में थाईलैंड की दरारत असायुत को शिकस्त दी। भाविना ने वर्ग चार-पांच में चीन की झांग मियाओ को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण लेने वाली प्राची न्यूरो-डिजेनेरेटिव बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने ग्रुप चरण के अपने दूसरे मुकाबले में फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराया।
इस जीत के साथ वह एक जीत और एक हार के रिकॉर्ड के साथ ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहीं। प्राची के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही एशियाई पैरा खेलों की इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक सुनिश्चित हो गया।
वर्ग छह में ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर शारीरिक अक्षमता होती है और जो खड़े होकर खेलते हैं।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक की पढ़ाई पूरी कर चुकीं प्राची फाइनल में जगह बनाने के लिए मंगलवार को इराक की नजला अल-दय्येनी से भिड़ेंगी।
सोनलबेन ने महिला एकल वर्ग तीन के क्वार्टर फाइनल में दरारत को 3-1 (11-7, 8-11, 11-5, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वर्ग तीन में व्हीलचेयर पर बैठकर खेलने वाले ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका बैठने के दौरान संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है जबकि बांह और हाथों की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य रहती है।
राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता भाविना ने भी वर्ग चार-पांच के क्वार्टर फाइनल में चीन की झांग मियाओ को 3-1 (8-11, 11-6, 11-1, 11-6) से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
वर्ग चार-पांच में शारीरिक अक्षमता वाले वे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जो बैठकर खेलते हैं।
तीनों भारतीय खिलाड़ियों का कम से कम कांस्य पदक जीतना सुनिश्चित हो गया है।
भाषा सुधीर पंत
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