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एशियाई पैरा खेल: दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी कोकिला ने जीता रजत, कपिल परमार को कांस्य

नागोया, 19 अक्टूबर (भाषा) भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने सोमवार को एशियाई पैरा खेलों में दो पदक जीते जिसमें कोकिला ने महिलाओं के जे2-52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जबकि कपिल परमार ने पुरुषों के जे1-70 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।

हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों की कांस्य पदक विजेता कोकिला को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक काइजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। काइजी ने महज 21 सेकेंड में इप्पोन हासिल करके स्वर्ण पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है, जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है।

पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई।

एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ रफली शिदकी के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला।

दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की जूडो स्पर्धाएं जे1 और जे2 वर्गों में आयोजित होती हैं। जे2 वर्ग के खिलाड़ियों में दृष्टिबाधिता होती है, लेकिन आमतौर पर उनकी देखने की क्षमता जे1 वर्ग के खिलाड़ियों से बेहतर होती है। जे1 वर्ग में पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ी भी शामिल होते हैं।

कपिल की मां की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। भावुक कपिल ने कहा, ‘‘मैं यहां स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से आया था, लेकिन कांस्य पदक ही जीत सका। स्वर्ण पदक के मामले में आज किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मैं इस कांस्य पदक के लिए आभारी हूं। मैंने बहुत मेहनत की है और लंबे समय बाद यह मेरा पहला पदक है।’’

कपिल ने 2024 पैरालंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा वह 2019 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रहे थे।

इससे पहले सुबह के सत्र में कोकिला ने सेमीफाइनल में चीन की यी लियू को हराया था।

2023 में हुए पिछले चरण में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली कोकिला ने सेमीफाइनल में 1-0 से जीत दर्ज की। उन्होंने अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक ‘वाजा-अरी’ (दूसरा सबसे बड़ा तकनीकी स्कोर) और एक ‘युको’ (प्रभावी तकनीक के लिए दिया जाने वाला स्कोर) हासिल किया जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी एक ‘वाजा-अरी’ ही जुटा सकीं।

हरियाणा के जींद जिले के कसून गांव की रहने वाली कोकिला ने 2024 पेरिस पैरालंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते हैं। इनमें इस साल अस्ताना में जूडो ग्रां प्री में हासिल किया गया रजत पदक भी शामिल है।

भाषा नमिता पंत

पंत