कोलकाता, 18 अक्टूबर (भाषा) कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों में से ज्यादातर की मौत छाती पर अत्यधिक दबाव पड़ने से दम घुटने के कारण होने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्टों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि कुछ मृतकों के शरीर में गंभीर आंतरिक चोटों के निशान भी मिले हैं। इन चोटों से फेफड़े, पेट, यकृत और अग्न्याशय जैसे महत्वपूर्ण अंगों के साथ-साथ सिर को भी नुकसान पहुंचा था।
अधिकारी के अनुसार, कुछ लोगों के हाथ-पैर की हड्डियां टूट गई थीं। इसके अलावा, उनके मस्तिष्क के भीतर रक्तस्राव और कई अन्य चोटों के निशान भी मिले।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्टों में मौत का संभावित कारण ‘‘छाती पर दबाव पड़ने से दम घुटना’’ बताया गया है।
यह स्थिति तब पैदा होती है, जब छाती पर अत्यधिक दबाव पड़ने से फेफड़े सामान्य रूप से फैल नहीं पाते। इससे सांस लेने में परेशानी होती है और गंभीर मामलों में व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘सात मृतकों की मौत दम घुटने के साथ-साथ कई अंगों में चोट लगने के कारण हुई। कम से कम छह मामलों में पसलियां टूटकर फेफड़ों में धंस गई थीं। ऐसा प्रतीत होता है कि भीड़ में अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण ऐसा हुआ।’’
उन्होंने बताया कि 18 शवों का पोस्टमार्टम कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में किया गया, जबकि एक शव का पोस्टमार्टम नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुआ।
अधिकारी के अनुसार, शुरुआती रिपोर्टों में आंतरिक अंगों के फटने और रक्तस्राव को भी मौत का कारण बताया गया है। चिकित्सा की भाषा में इस स्थिति को ‘‘आंतरिक अंगों का फटना और रक्तस्राव’’ कहा जाता है।
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