फरीदाबाद, 18 अक्टूबर (भाषा) फरीदाबाद की बासेलवा कॉलोनी में 5,000 रुपये देने से मना करने पर जिस 21 वर्षीय युवक पर चाकू और सुआ से हमला किया गया था, उसकी दिल्ली के एक अस्पताल में 11 दिन के इलाज के बाद मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों -- तरुण, अरुण, युवराज उर्फ गढ़वाली और राहुल बुद्धि -- को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, सतीश (21), जो अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था, 6 अक्टूबर को घर से बासेलवा कॉलोनी के लिए निकला था, जहां वे चारों युवक भी पहुंच गए।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद युवराज ने कथित तौर पर एक स्कूटर से चाकू निकालकर अरुण को दे दिया, जबकि तरुण ने उसे सतीश पर हमला करने के लिए कहा। इसके बाद अरुण ने सतीश के दाहिने पैर के कूल्हे वाले हिस्से में चाकू घोंप दिया।
राहुल ने भी एक सुआ से वार करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद विनोद ने उसे रोक लिया। पुलिस ने बताया कि इस हमले में सतीश गंभीर रूप से घायल हो गया और जमीन पर गिर पड़ा।
शोर-शराबा सुनकर आस-पास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद, युवराज और राहुल घायल व्यक्ति को स्कूटर पर बिठाकर सेक्टर-19 के एक निजी अस्पताल के बाहर छोड़ आए।
तरुण और अरुण भी मौके से भाग गए थे। घायल सतीश को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ले जाया गया गया, जहां 17 अक्टूबर की रात उसकी मौत हो गई।
मूल रूप से बिहार के रहने वाले सतीश, काफी समय से अपने परिवार के साथ पुराने फरीदाबाद की भुड कॉलोनी के न्यू अहीरवाड़ा में एक किराये के मकान में रह रहे थे।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, सतीश एक मोटरसाइकिल खरीदने की योजना बना रहे थे और इसके लिए उन्होंने अपने परिवार से पैसे लिए थे।
पुलिस ने बताया कि इस बात की जानकारी होने पर अरुण ने सतीश से पांच हजार रुपये मांगे, लेकिन सतीश के मना करने पर उसने मन में रंजिश पाल ली और अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने अब इस मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं और जांच आगे बढ़ा रहे हैं। सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।’’
भाषा सुभाष नरेश
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