दुबई, 18 अक्टूबर (भाषा) ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ने के बीच भारत ने रविवार को सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नया परामर्श जारी कर उन्हें ‘‘उचित सावधानी’’ बरतने की सलाह दी।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भारतीय समुदाय से ‘‘मौजूदा स्थिति को देखते हुए उचित सावधानी बरतने’’ को कहा।
भारतीय मिशन ने कहा, ‘‘हवाई हमले की स्थिति में तुरंत निकटतम सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इसके लिए किसी इमारत के अंदर या खिड़कियों से दूर किसी भीतरी कमरे में जाएं। मौजूदा घटनाक्रम से संबंधित किसी भी जानकारी, तस्वीर या वीडियो को फिल्माने, प्रसारित या साझा करने से बचें।’’
यह ताजा परामर्श ऐसे समय में आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब को निशाना बनाकर किए जाने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इनमें 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ घातक हमला भी शामिल है।
इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए जिसके बाद भारतीय दूतावास ने अपनी सुरक्षा सलाह को फिर से दोहराया है।
भारतीय मिशन ने बताया कि उसके अधिकारी उन अस्पतालों का लगातार दौरा कर रहे हैं, जहां घायल भारतीय नागरिकों का इलाज किया जा रहा है। अधिकारी उनके परिजनों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन्हें आवश्यक सहायता भी उपलब्ध करा रहे हैं।
मिशन ने कहा कि रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उड़ान संचालन के लिए बंद रहा, जबकि दम्माम, जेद्दा और मदीना के हवाई अड्डों पर उड़ानें जारी रहीं। हालांकि, वहां कुछ व्यवधान अब भी बने हुए हैं।
मिशन ने बताया कि भारतीय विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन बढ़ा दिया है।
भारतीय मिशन के अनुसार, एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने सभी मार्गों पर 24 अक्टूबर तक उड़ानें निलंबित कर दी हैं। वहीं, अकासा एयर ने सभी मार्गों पर 27 अक्टूबर तक उड़ानें स्थगित कर दी हैं।
दम्माम, जेद्दा और मदीना से भारत के लिए निर्धारित उड़ानें उपलब्ध हैं। फ्लाइनास की दम्माम-दिल्ली और दम्माम-मुंबई उड़ानें 17 से 24 अक्टूबर तक उपलब्ध हैं। इसके अलावा, दम्माम-लखनऊ के लिए भी नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं। फ्लाईडील की दम्माम-मुंबई उड़ानें भी 17 और 18 अक्टूबर को उपलब्ध हैं।
भारतीय मिशन ने कहा, ‘‘तत्काल सऊदी अरब से निकलने वाले भारतीय नागरिक आवश्यक वीजा प्राप्त करने की शर्त पर बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते यात्रा करने पर विचार कर सकते हैं।’’
दूतावास ने उमरा करने सहित अन्य उद्देश्यों से सऊदी अरब जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों से वहां के हवाई अड्डों पर जारी व्यवधानों और उड़ानें रद्द होने की आशंका को ध्यान में रखने को कहा है। इसके कारण उन्हें वहां अपेक्षा से अधिक समय तक रुकना पड़ सकता है।
मिशन ने कहा, ‘‘किसी भी सवाल या जानकारी के लिए दूतावास और वाणिज्य दूतावास के 24 घंटे उपलब्ध नियंत्रण कक्षों से संपर्क किया जा सकता है।’’
इससे पहले, भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से सऊदी अरब के अधिकारियों द्वारा जारी अद्यतन निर्देशों पर ध्यान देने और उनका पालन करने को कहा था। ये निर्देश उन लोगों के लिए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय आपातकालीन पूर्व चेतावनी मंच के माध्यम से आपात स्थिति संबंधी चेतावनियां मिलती हैं।
सोशल मीडिया मंच के माध्यम से साझा किए गए इन निर्देशों में लोगों से शांत रहने, आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और तुरंत किसी इमारत के अंदर सबसे सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है और यह भी कहा गया है कि खतरा टलने तक बेहतर होगा कि वे हमले की स्थिति में खिड़कियों से दूर किसी अंदरूनी कमरे में ही रहें।
लोगों को सलाह दी गई है कि खतरा टलने तक वे अपने घरों या इमारतों से बाहर नहीं निकलें। उन्हें खुली जगहों, खिड़कियों और कांच से दूर रहने तथा बालकनी या छत पर नहीं जाने की सलाह दी गई है।
जो लोग बाहर हैं उनसे कहा गया है कि वे किसी नजदीकी इमारत में चले जाएं या किसी मजबूत दीवार की ओट में शरण लें।
इन निर्देशों में लोगों को भीड़-भाड़ वाली और खतरनाक जगहों से दूर रहने तथा तस्वीरें नहीं लेने की भी सलाह दी गई है।
वाहन चलाते समय चेतावनी मिलने पर लोगों को पुलों और ऊंची इमारतों से दूर सड़क किनारे वाहन रोकने को कहा गया है।
लोगों से यह भी कहा गया है कि वे संबंधित अधिकारियों द्वारा आधिकारिक माध्यमों से जारी किए गए निर्देशों का पालन करें।
भाषा गोला नरेश
नरेश