ब्रह्मपुर (ओडिशा), 18 अक्टूबर (भाषा) दो सिर और एक धड़ के साथ जन्मे दुर्लभ जुड़वां बच्चों की जन्म के एक सप्ताह बाद यहां सरकारी एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल के अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टरों की एक टीम ने बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
डॉक्टरों ने बताया कि ‘डाइसेफेलिक पैरापैगस’ नामक दुर्लभ स्थिति से पीड़ित इन बच्चों का जन्म 11 अक्टूबर को हुआ था। उनकी मां 22 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर है और कंधमाल जिले के एक दूरदराज गांव की रहने वाली है।
डॉक्टरों ने बताया कि महिला का यह पहला प्रसव था।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में इस तरह के जन्म का यह पहला मामला था और यह स्थिति बेहद दुर्लभ है।
एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की अधीक्षक सुदीपा दास ने कहा, ‘‘डॉक्टरों की एक टीम ने बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के कारण शनिवार को उनकी मौत हो गई।’’
उन्होंने बताया कि सिजेरियन प्रसव के जरिए जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद माता-पिता सदमे में थे और बच्चों की मौत के बाद शुरुआत में उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया था।
दास ने कहा कि गंजाम जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और अधिकारियों द्वारा दंपति को समझाने के बाद शनिवार देर शाम शव को उनके पैतृक गांव भेजा गया।
भाषा शफीक नरेश
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