नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) बाजारों में विविधता लाने की पहल के असर से चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अगस्त अवधि के दौरान अफ्रीका, आसियान और पूर्वोत्तर एशिया समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत के वस्तु निर्यात में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
अमेरिका-ईरान युद्ध से प्रभावित पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात भी धीरे-धीरे संकट से पहले के स्तर पर लौट रहा है।
पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात अप्रैल में 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो अगस्त में बढ़कर 5.01 अरब डॉलर हो गया। इस साल जनवरी में यह 6.48 अरब डॉलर था।
आंकड़ों के अनुसार, अफ्रीका को भारत का वस्तु निर्यात अप्रैल-अगस्त 2026-27 में सालाना आधार पर 47 प्रतिशत बढ़कर 26.19 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 17.83 अरब डॉलर था।
समीक्षाधीन अवधि में भारत के कुल निर्यात में अफ्रीका की हिस्सेदारी बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 9.7 प्रतिशत थी।
पूर्वी अफ्रीका को निर्यात करीब दोगुना होकर 94 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8.95 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) को निर्यात 53 प्रतिशत बढ़कर 5.09 अरब डॉलर और उत्तरी अफ्रीका को निर्यात 33 प्रतिशत बढ़कर 4.03 अरब डॉलर हो गया।
पश्चिमी अफ्रीका को निर्यात इस अवधि में सात प्रतिशत बढ़कर 5.57 अरब डॉलर रहा।
इसी तरह, अप्रैल-अगस्त के दौरान दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के सदस्य देशों को भारत का निर्यात 56 प्रतिशत बढ़कर 23.08 अरब डॉलर हो गया। वहीं, पूर्वोत्तर एशिया को निर्यात 37 प्रतिशत बढ़कर 21.03 अरब डॉलर रहा।
दक्षिण एशिया और यूरोप के अन्य देशों को निर्यात में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान हल्के वाणिज्यिक ट्रक और मध्यम श्रेणी के ट्रक के निर्यात में क्रमशः 71 प्रतिशत और 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह विदेशी बाजारों में इन वाहनों की मजबूत मांग को दर्शाता है।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय