नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ पर दुख जताते हुए रविवार को आरोप लगाया कि अधिकारी आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे। पार्टी ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
माकपा ने एक बयान में कहा कि वह हादसे में हुई मौतों पर गहरा शोक व्यक्त करती है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करती है।
बयान में कहा गया कि घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपलब्ध सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं मिल सकती थीं, लेकिन राज्य सरकार ने ऐसा करने के बजाय एक निजी अस्पताल के लिए ''जनसंपर्क एजेंसी'' की तरह काम किया।
पार्टी ने कहा, ''प्रभावित लोगों के प्रति कितनी भी संवेदना जताई जाए या कितना भी मुआवजा दिया जाए, वह पर्याप्त नहीं होगा।''
माकपा ने आरोप लगाया कि जुलाई के मध्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूजा समिति को उसके पुराने आयोजकों से जबरन अपने नियंत्रण में ले लिया था।
माकपा ने कहा कि परंपरागत रूप से पूजा आयोजक साल भर तैयारियों में जुटे रहते हैं। इसमें आयोजन की अवधारणा और विषय तय करने से लेकर संसाधन जुटाने तथा कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने तक की जिम्मेदारियां शामिल होती हैं।
बयान में कहा गया, ''सत्तारूढ़ व्यवस्था के तहत पूजा समिति पर कब्जा करने में जुटे दोषियों को, आगंतुकों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए स्थापित मानदंडों और परंपराओं का पालन करने के बजाय, कानून के कटघरे में लाया जाना चाहिए।''
माकपा ने आरोप लगाया कि आमतौर पर पूजा पंडालों में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए तैयारियां करने वाले पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग सहित नागरिक प्रशासन के अधिकारी इस बार प्रगतिशील पुस्तक स्टॉलों को रोकने और उन्हें हटाने तथा विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) और उनके ''चमचों'' को सुरक्षा मुहैया कराने में तैनात थे।
पार्टी ने कहा, ''इन अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। भीड़ प्रबंधन के लिए उचित योजना का अभाव और मानक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने के कारण ऐसी दुखद और टाली जा सकने वाली घटनाएं हुई हैं।''
माकपा ने कहा कि सरकार को अपनी प्राथमिकताएं नए सिरे से तय करनी चाहिए।
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