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उत्तराखंड सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन पर 'भ्रामक' दावों को किया खारिज

देहरादून, 18 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड सरकार ने ‘उत्तराखंड वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023’ को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए साफ किया कि राज्य में निवेश से जुड़ा सारा आंकड़ा सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध है और प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर देखा जा सकता है।

उद्योग सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि तथ्यों की पूरी समझ के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना अनुचित है।

पांडेय ने कहा, ''सरकार ने निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए लगातार काम किया है, जिसके चलते अब तक 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतारा जा चुका है।''

उन्होंने कहा, ''उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। राज्य का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है और भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्य रूप से देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर तथा नैनीताल के कुछ हिस्सों तक ही सीमित हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुसार राज्य की औद्योगिक नीतियां पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजन के मकसद से तैयार की गई हैं।''

सचिव ने आगे बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश के सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए थे।

मुख्यमंत्री के सचिव की भी जिम्मेदारी संभाल रहे पांडेय ने कहा, ''इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए समय-समय पर 'भूमि पूजन समारोह' आयोजित किए गए हैं। निवेशकों की सहायता के लिए 'निवेश मित्र' नियुक्त किए गए, जिन्होंने उनके साथ निरंतर संवाद बनाए रखा, सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं को सुलझाया और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।''

उन्होंने बताया कि निवेश से जुड़े आंकड़े उद्योग विभाग के पोर्टल और 'सिंगल विंडो सिस्टम' पर पूरी तरह उपलब्ध हैं।

छोटे उद्यमों और स्थानीय निवेशकों को लेकर की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पांडेय ने कहा कि आटा चक्की या मोबाइल दुकानों जैसे छोटे व्यवसायों को 'निवेश' की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना गलत नजरिया है।

पांडेय ने कहा, ''किसी निवेश का महत्व केवल उसकी मौद्रिक धनराशि से तय नहीं होता, बल्कि उससे मिलने वाले रोजगार और स्थानीय आजीविका के अवसरों से आंका जाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि सबसे बड़े उद्योगपति से लेकर सबसे छोटे कारोबारी तक—सभी उद्यमियों को समान सम्मान दिया जाए।''

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना ही नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना भी है।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय