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मोदी, शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार को ‘वोट चोरी’ का खामियाजा भुगतना पड़ेगा: राहुल गांधी

मडगांव (गोवा), 18 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर्दे के पीछे से ‘वोट चोरी’ की योजना बनाते हैं, गृह मंत्री अमित शाह इसे अमलीजामा पहनाते हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार इसे अंजाम देते हैं।

गांधी ने दावा किया कि मोदी, शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ‘‘रातों की नींद उड़ी हुई है’’। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जायेगा और ‘वोट चोरी’ का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

दक्षिण गोवा के मडगांव में एक रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा उन चुनिंदा अरबपतियों को सरकारी ठेके दिए जाते हैं, जो बदले में सरकार के इशारे पर काम करते हैं।

गांधी ने नयी दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने रैली को संबोधित करने से पहले मडगांव में पार्टी की ‘गोय राखण यात्रा’ में शामिल हुए और कार्यकर्ताओं तथा नेताओं के साथ दो किलोमीटर पैदल चले।

उन्होंने कहा, ‘‘अब इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि ज्ञानेश कुमार ‘वोट चोरी’ को अंजाम देते हैं, अमित शाह इसे अमलीजामा पहनाते हैं और प्रधानमंत्री मोदी पर्दे के पीछे से इसकी पूरी योजना बनाते हैं।’’

गांधी ने कहा कि कांग्रेस संविधान की रक्षक है। उन्होंने कहा कि मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार जानते हैं कि वे हमसे बचकर नहीं निकल सकते।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को न्याय के कटघरे में लाया जायेगा और उन्होंने जो कुछ किया है, उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।’’

गोवा में 2027 के विधानसभा चुनावों में लोगों से कांग्रेस को पूर्ण बहुमत दिलाने की अपील करते हुए गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्यभर में लोगों तक पहुंचने का सिलसिला जारी रखने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आप गोवा की चिंता कीजिए। दिल्ली में हम जल्द ही नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से निपट लेंगे। आपको इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। काम जारी है और उनका राजनीतिक अंत करीब आ रहा है।’’

गांधी ने कहा, ‘‘मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार-तीनों से निपटेंगे। वे बचकर नहीं निकल सकते।’’

उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ मानहानि के 45 से अधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इनमें मोदी और शाह से जुड़े लोगों द्वारा दायर मामले भी शामिल हैं।

गांधी ने कहा कि हालांकि, प्रधानमंत्री पर ‘वोट चोरी’ में शामिल होने का आरोप लगाने के लिए उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा, “उन्हें (मोदी एवं शाह को) डर है कि अगर ‘वोट चोरी’ के आरोप में मामला दर्ज हो गया, तो यह पूरी तरह कानूनी मामला बन जाएगा और वे खुद इसमें फंस जाएंगे।”

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने सबूतों के साथ साबित किया है कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम में ‘वोट चोरी’ हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘विपक्ष के वोट काटे गए, सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में वोट जोड़े गए और मतदाताओं को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया गया। दूसरे राज्यों से भी मतदाताओं को लाकर शामिल किया गया।’’

गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चुनाव के दौरान सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे “संविधान के रक्षक” हैं और कथित चुनावी अनियमितताओं को उजागर करना उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में हमने उन पर दबाव बना दिया है। ज्ञानेश कुमार रात में सो नहीं पाते, नरेन्द्र मोदी और अमित शाह भी रात में सो नहीं पाते, क्योंकि वे जानते हैं कि देर-सबेर कांग्रेस पार्टी न्याय दिलाकर रहेगी।’’

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए गांधी ने दावा किया कि अरबपतियों को प्रचार और राजनीतिक समर्थन के बदले बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं और अन्य आर्थिक अवसर दिये जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यही उनकी व्यवस्था है। उनकी व्यवस्था इसी तरह काम करती है— अरबपतियों को पैसा दो, उन्हें ठेके दो, उन्हें जमीन दो। बदले में अरबपति उनका प्रचार करते हैं।’’

गोवा का जिक्र करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों और गरीबों की जमीन छीनकर उसे “बाहरी लोगों” को बेच रही है।

उन्होंने सरकार पर आर्थिक लाभ के लिए गोवा की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत का दोहन करने का भी आरोप लगाया।

गांधी ने कहा, “गोवा देश की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है और यहां की संस्कृति बेहद समृद्ध है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जमीन छीनी जा रही है और अरबपतियों को सौंपी जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित गोवा में देश में बेरोजगारी सबसे अधिक है और बेहतर मौकों की तलाश में युवा इस तटीय राज्य को छोड़कर विदेश जा रहे हैं।

कांग्रेस सांसद ने गोवा सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यह ऐसा मॉडल है, जिसका अध्ययन दूसरे राज्यों के नेता भी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले नरेन्द्र मोदी का ‘गुजरात मॉडल’ था। यहां भ्रष्टाचार का एक खास ‘गोवा मॉडल’ है।’’ उन्होंने कहा कि इस मॉडल को खत्म करना जरूरी है।

शिक्षा के मुद्दे पर गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग किए जाने की आलोचना की। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पहले भारत की शिक्षा व्यवस्था विश्वस्तरीय हुआ करती थी, लेकिन अब प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया जा रहा है।’’

गांधी ने कहा कि छात्र कथित ‘वोट चोरी’, बेरोजगारी, शिक्षा की बढ़ती लागत और महंगाई जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘यह देश किसी एक संगठन का नहीं है। यह देश आरएसएस का नहीं है। यह देश भाजपा का नहीं है। यह देश भारत के लोगों का है।’’

गांधी ने कहा कि गोवा वहां के लोगों का है, न कि मुख्यमंत्री या मंत्रियों का। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और सुरक्षित पर्यावरण की सुविधा मिलनी चाहिए।

गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा, “क्या आपने गौर किया है? क्या आपने ध्यान दिया है? आजकल मोदी जी का 56 इंच का सीना कहां है? वह सामने खड़े नहीं हो सकते...’’।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा की विचारधारा के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। साथ ही, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से यात्रा समाप्त होने के बाद भी अपने प्रयास जारी रखने का आग्रह किया।

भाषा देवेंद्र सुरेश

सुरेश