नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को आरोप लगाया कि ‘‘भारत विरोधी गिरोहों और कुछ नेताओं’’ ने युवाओं को भड़काने तथा सड़कों पर हिंसा फैलाने की यहां ठीक वैसी ‘‘साजिश’’ रची, जैसी पहले फ्रांस एवं बांग्लादेश की हिंसक घटनाओं के लिए रची गयी थी।
रीजीजू ने कहा कि ऐसी ‘‘खतरनाक साजिश’’ रचने वाले लोग यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस। उन्होंने विपक्ष और अन्य लोगों पर एक बार फिर निशाना साधते हुए यह टिप्पणी की। विपक्ष और अन्य लोगों ने इस महीने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में दिल्ली में कई प्रदर्शन किए थे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन ‘‘बिल्कुल हो सकता है’’, लेकिन यह केवल चुनावों के जरिये (ही) हो सकता है, ‘‘(जॉर्ज) सोरोस के जरिये नहीं।’’
हंगरी में जन्मे अमेरिकी राजनीतिक कार्यकर्ता जॉर्ज सोरोस और उनके संगठन ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (ओएसएफ) पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारत के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाती रही है।
रीजीजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ये टिप्पणियां कीं। इसके साथ उन्होंने एक छोटा वीडियो भी साझा किया, जिसमें वकील प्रशांत भूषण, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की नेता नेहा बोरा, सामाजिक-राजनीतिक अधिकार कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियां दिखाई गई हैं।
रीजीजू ने कहा, ‘‘बांग्लादेश में हुई हिंसक घटना और फ्रांस में हुए दंगों, आगजनी तथा लूटपाट जैसी ही एक साजिश भारत के लिए भी रची गई थी। भारत विरोधी गिरोहों और कुछ नेताओं ने युवाओं को उकसाने और हमारी सड़कों पर हिंसा फैलाने के लिए आपस में मिलीभगत की थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह खतरनाक साजिश को रचने वाले लोग यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन केवल चुनावों के जरिये, सोरोस के जरिये नहीं।’’
भाषा गोला सुरेश
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