कोलकाता, 18 अक्टूबर (भाषा) चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के पूर्व महासचिव जयंत बनर्जी ने रविवार को उत्तर कोलकाता के पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना पर दुख जताया और कहा कि इस साल मूर्ति को उसके पारंपरिक स्थान से हटाना समुदाय की लंबे समय से चली आ रही परंपराओं के विपरीत था।
इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई और कई व्यक्ति घायल हो गए।
बनर्जी ने 15 साल तक समिति के महासचिव के रूप में काम किया था और जुलाई में पद से इस्तीफा दे दिया था।
एक वीडियो संदेश में बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने कुछ आयोजकों को मूर्ति का स्थान बदलने के खिलाफ बार-बार आगाह किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे समुदाय के नियमों के अनुसार, हम मां की मूर्ति का मुख कभी दूसरी दिशा में नहीं करते। कलाकार कितना भी बड़ा हो या कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली हो, मैंने कभी मूर्ति को घुमाने की अनुमति नहीं दी।’’
मूर्ति की दिशा या आसपास की संरचना में पहले किए गए मामूली बदलावों का जिक्र करते हुए बनर्जी ने अपने और अपने करीबी लोगों के साथ हुई कुछ दुखद घटनाओं का उल्लेख किया। इनमें 2023 में उनके पिता की मृत्यु की घटना भी शामिल थी, जब एक खंभे को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया था।
पूर्व महासचिव ने कहा कि इस साल परंपरा से हटकर किए गए बदलाव से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने मूर्ति का स्थान बदलने और भगदड़ के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं किया।
बनर्जी ने कहा, ‘‘मैंने इलाके के सभी लोगों, अपने दोस्तों और सहयोगियों को बार-बार आगाह किया और उनसे देवी की मूर्ति को न हटाने का आग्रह किया। मुझे नहीं पता कि इस साल ऐसा क्यों हुआ, शायद यह महज संयोग था या कुछ और।’’
भाषा शफीक सुरेश
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