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रणनीतिक क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीआईएसएफ ने अपने ढांचे का पुनर्गठन किया

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने देशभर में अपनी क्षेत्रीय इकाइयों का बड़े पैमाने पर पुनर्गठन करने का फैसला किया है जो एक नवंबर से लागू होगा। इसके तहत पश्चिमी और पूर्वी तट पर दो नये सेक्टर बनाए जाएंगे, जो देश के 250 छोटे-बड़े समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इस कवायद का मकसद अर्धसैनिक बल के परिचालन और प्रशासनिक नियंत्रण ढांचे को भारत की रणनीतिक, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों की विशिष्ट सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना है। इन क्षेत्रों में बिजली, कोयला, इस्पात, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, सरकारी भवन, संग्रहालय, स्मारक, बंदरगाह, और दिल्ली मेट्रो जैसी जन परिवहन प्रणालियां शामिल हैं।

सीआईएसएफ की स्थापना 1969 में की गई थी और इसका मुख्यालय दिल्ली में है। मौजूदा समय में यह बल अपनी क्षेत्रीय प्रशासनिक इकाइयों और 2.70 लाख कर्मियों का प्रबंधन भौगोलिक अधिकार क्षेत्र के आधार पर करता है, जिसके तहत सुरक्षा तैनाती की व्यवस्था मिली-जुली थी। उदाहरण के लिए, एक ही कार्यालय बिजली और कोयला क्षेत्र की इकाइयों की सुरक्षा का जिम्मा संभालता था।

अंतरिक्ष एजेंसियों, परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों की सुरक्षा करने वाली सीआईएसएफ इकाइयां एक अपवाद थीं और वे पहले से ही एक विशेष कमान के अंतर्गत आती हैं।

सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “यह महसूस किया गया कि प्रत्येक ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्र की अपनी अलग कार्य-प्रक्रियाएं, बुनियादी ढांचा, संभावित खतरे और सुरक्षा कमजोरियां होती हैं। इसलिए उनकी भौगोलिक स्थिति की परवाह किए बिना उन्हें एक साथ मिलाकर एक ही अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत रखा जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि यह एक “समयोचित सुधार” है, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद एक नवंबर से लागू हो जाएगा।

अधिकारी ने कहा, “पुनर्गठन से परिचालन संबंधी निगरानी में सुधार होगा, क्षेत्र-विशेष की विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा, सुरक्षा प्रक्रियाओं में अधिक एकरूपता सुनिश्चित होगी और संबंधित मंत्रालयों, विभागों तथा प्रतिष्ठान प्रबंधन के साथ समन्वय मजबूत होगा।”

उन्होंने कहा कि इसी दिशा में कदम उठाते हुए बल के मुंबई मुख्यालय वाले पश्चिमी सेक्टर और चेन्नई स्थित दक्षिणी सेक्टर का नाम बदलकर क्रमशः पश्चिमी तट बंदरगाह सेक्टर और पूर्वी तट बंदरगाह सेक्टर कर दिया गया है।

भाषा पारुल नरेश

नरेश