नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड में 2022 में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रविवार को यहां पटियाला हाउस अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों ने मामले में एक कथित 'वीआईपी' की संलिप्तता की निष्पक्ष जांच की मांग की है; आरोप है कि इस व्यक्ति ने ऋषिकेश के पास वनंतरा रिसॉर्ट में 'रिसेप्शनिस्ट' के तौर पर काम करने वाली भंडारी से अनुचित लाभ की मांग की थी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का नया दौर शुरू हो गया है। गौतम पर आरोप है कि वह वही वीआईपी हैं। हालांकि अब तक इस संबंध में अपराध सिद्ध करने वाला कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है।
भंडारी का शव सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास चीला बैराज से बरामद किया गया था जिसके बाद पहाड़ी राज्य में व्यापक आक्रोश फैल गया था।
विपक्ष ने कथित मामले की जांच जारी रहते हुए गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।
गौतम को राज्यपाल पद से हटाने की मांग को लेकर रविवार को प्रदर्शनकारी अदालत के बाहर एकत्र हुए। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश