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उप्र: अभाविप ने लखनऊ में निकाली छात्र हुंकार रैली, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान

लखनऊ, 18 अक्टूबर (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने ‘अराजकता छोड़ो, लोकतंत्र अपनाओ’ के आह्वान के साथ रविवार को यहां छात्र हुंकार रैली निकाली।

लखनऊ विश्वविद्यालय से हजरतगंज स्थित गांधी चौक तक निकाली गई इस रैली में विद्यार्थियों और अभाविप कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।

अभाविप की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, संगठन के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का अधिकार केवल जनता के पास है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी तरह की अराजकता या दबाव की राजनीति स्वीकार्य नहीं है।

सिंह ने कहा, “भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास, मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है।”

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति का स्वागत है, लेकिन भीड़ के दबाव, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर सत्ता परिवर्तन का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।

सिंह ने कहा कि बांग्लादेश और नेपाल के घटनाक्रमों से प्रेरित होकर भारत में भी अराजकता के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की कल्पना करने वालों को समझना चाहिए कि देश का लोकतंत्र मजबूत है और यहां सरकारों का भविष्य जनता तय करती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और उत्तराखंड, केरलम व ओडिशा में छात्रसंघ चुनावों में अभाविप को मिली सफलता इस बात का प्रमाण है कि विद्यार्थी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं तथा ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा के साथ खड़े हैं। सिंह ने कहा कि लखनऊ में आयोजित छात्र हुंकार रैली में विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाती है।

उन्होंने युवाओं से संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित की रक्षा के लिए सजग रहने तथा अराजकता और भीड़तंत्र की राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का आह्वान किया।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र