नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि निवेश केवल कागजों पर है, रोजगार सिर्फ नारों में हैं और राज्य के युवाओं को प्रश्नपत्र लीक होने के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है।
गांधी ने मीडिया की एक खबर साझा की, जिसमें दावा किया गया है कि एक वैश्विक शिखर सम्मेलन के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), उर्वरक की दुकानों और आटा मिलों को उत्तराखंड के ‘‘निवेशकों’’ के रूप में गिना गया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तराखंड में निवेश के नाम पर (पुष्कर) धामी सरकार का फर्जीवाड़ा - और यह भाजपा ‘डबल इंजन’ मॉडल का एक और नमूना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का ढिंढोरा पीटा गया - 3.56 लाख करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू। रोडशो पर जनता के लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। फिर सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये को ‘जमीन पर उतरा निवेश’ बताया।’’
खबर का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘न्यूजलॉन्ड्री ने जांचा कि यह निवेश किसका है: : आटा चक्कियां, खाद-बीज की दुकानें और छोटे क्लिनिक ‘निवेशक’ गिन लिए गए। कुछ को पता तक नहीं था। 35,279 करोड़ रुपये - यानी 35 प्रतिशत - सरकारी बिजली कंपनियों के हैं। सीएसआर और दान से चलने वाले एक स्कूल को 24.49 करोड़ रुपये का ‘निवेशक’ बताया गया।’’
गांधी ने कहा कि 1,200 करोड़ रुपये के एक ‘निवेशक’ की कमाई चार साल से शून्य है, और रिकॉर्ड में उसका एक भी कर्मचारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी तरह दुबई-लंदन के रोडशो से 27,975 करोड़ रुपये के निवेश का दावा हुआ, पर ‘जमीन पर उतरे’ निवेशकों की सूची में इन दोनों शहरों की एक भी कंपनी नहीं है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘शिखर सम्मेलन से सिर्फ सात दिन पहले यानी एक दिसंबर 2023 को ‘निवेश’ की परिभाषा ही ढीली कर दी गई। इसे कहते हैं - पहले नियम बदलो, फिर आंकड़े बताओ।’’
उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री 3,300 ‘निवेशकों’ की पूरी सूची सार्वजनिक करें।
गांधी ने पोस्ट में कहा, ‘‘निवेश कागज पर। रोजगार नारों में। और उत्तराखंड के युवाओं के हिस्से - पेपर लीक।’’
उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होना है।
भाषा शफीक नेत्रपाल
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