ग्वालियर/भोपाल, 18 अक्टूबर (भाषा) मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में शनिवार देर रात नवरात्र की पूजा के लिए मंदिर के बाहर एकत्र हुए श्रद्धालुओं की भीड़ को तेज रफ्तार एक ट्रक ने कुचल दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक अन्य शर हो गए।
पुलिस के अनुसार, धान से लदा ट्रक शनिवार देरा रात करीब डेढ़ बजे चिनौर रोड पर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया और मंदिर में दर्शन के इंतजार में खड़े श्रद्धालुओं और सड़क किनारे स्थित दुकानों को टक्कर मारने के बाद शीतला माता मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया।
अधिकारियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए।
उन्होंने बताया कि ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल होने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि चालक ने ट्रक को नियंत्रित करने के प्रयास में वाहन को बाईं ओर मोड़ दिया लेकिन अगर ट्रक सीधे आगे बढ़ता तो 600 से 700 श्रद्धालु इसकी चपेट में आ सकते थे।
यह हादसा ग्वालियर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित लगभग 125 साल पुराने शीतला माता मंदिर के बाहर हुआ।
नवरात्र की पूजा के लिए वहां हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए थे।
पुलिस के कार्यवाहक महानिरीक्षक असीत यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रक की टक्कर से मंदिर की बाईं ओर की दीवार ढह गई।
जिलाधिकारी रुचिका चौहान ने बताया कि ट्रक तेज रफ्तार में मंदिर की ओर बढ़ते हुए पुलिस के अवरोधकों को तोड़कर आगे निकल गया।
उन्होंने बताया कि ट्रक की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को निर्देश दिए गए हैं और वाहन को रोकने की कोशिश में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायलों के इलाज का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के आदेश देते हुए ग्वालियर के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) को हटाने और आठ अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में ट्रक के प्रवेश के कारण यह हादसा हुआ, साथ ही जिला प्रशासन को तथ्यों के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि तीन थाना प्रभारियों, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी।
यादव ने कहा कि जनसुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था है। ऐसे में प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी ट्रक के प्रवेश को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कुछ लोगों ने कहा कि उस स्थान पर साइकिल ले जाना भी मुश्किल है।
मृतकों की पहचान सतेंद्र सिंह गुर्जर (22), सरला तोमर (50), गौरव परिहार (18), महेश शर्मा (45), विमलेश बघेल (18), देवेश बघेल (17), छोटू जाटव (16), शौर्य शर्मा (16), हेमंत राठौर (19), दिव्यांश कुशवाह (17), पवन राठौर (23), लव त्यागी (15), अमन त्यागी (13), अशोक त्यागी (45) और नितेश (18) के रूप में हुई है।
घायलों और मृतकों के शवों को ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर समेत विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया।
ट्रॉमा सेंटर के बाहर एकत्र मृतकों के परिजनों ने सवाल उठाया कि भारी ट्रक उस स्थान तक कैसे पहुंच गया, जहां उनके अनुसार साइकिल ले जाना भी मुश्किल है। हादसे में जान गंवाने वाली सरला तोमर के भतीजे लोकेन्द्र सिंह तोमर ने सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ट्रक के मंदिर परिसर तक पहुंचने पर सवाल उठाया।
उन्होंने बताया कि उनकी बुआ पूजा करने जा रही थीं।
हादसे में जान गंवाने वाले किशोर दिव्यांश कुशवाह की रिश्तेदार सावित्री ने बताया कि पूजा के बाद समूह के मंदिर से बाहर आने पर दिव्यांश के लापता होने का पता चला।
उन्होंने बताया कि तलाश करने और पुलिस को सूचना देने के बाद उन्होंने मंदिर के अंदर जाकर शव की पहचान की।
ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र के गड़ाईपुर निवासी 23 वर्षीय पवन राठौर भी मृतकों में शामिल थे।
हादसे के समय वह मंदिर में दर्शन करने गए थे।
परिजन गमगीन माहौल में उनका शव अपने साथ ले गए।
घायल श्रद्धालु निकेश के रिश्तेदार संदीप ने बताया कि परिवार को रविवार सुबह करीब पांच बजे हादसे की सूचना मिली।
उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर निकेश की हालत गंभीर थी। उसके दोनों पैर टूट गए हैं और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
मंदिर के पास पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति के रिश्तेदार गजेंद्र प्रजापति ने बताया कि हादसा इतनी अचानक हुआ कि इलाके में धुआं फैल गया और उनके रिश्तेदार को समझ नहीं आया कि क्या हुआ।
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और ग्वालियर निवासी नरेन्द्र सिंह तोमर ने हादसे पर दुख व्यक्त किया और रविवार के अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए।
भाषा सं दिमो जितेंद्र
जितेंद्र