लेह, 18 अक्टूबर (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को यहां जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय की 'लद्दाख पीठ' का उद्घाटन किया।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस दिन को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया, जिससे घर के पास अदालत की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
सक्सेना ने इस कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'लद्दाख में सुलभ न्याय के एक नए युग की शुरुआत हुई है! लेह में आज सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों की गरिमामयी उपस्थिति में उच्च न्यायालय की लद्दाख पीठ का उद्घाटन करने के लिए भारत के प्रधान न्यायाधीश का गहराई से आभार।'
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय की लद्दाख पीठ और छह महीने के भीतर केंद्र शासित प्रदेश में सीजेआई का लगातार दूसरा दौरा, सभी के लिए, विशेषकर लद्दाख के दूरदराज के समुदायों के लिए ‘‘न्याय तक पहुंच’’ सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उपराज्यपाल ने कहा, 'लद्दाख को समृद्धि और समावेशी विकास के रास्ते पर लगातार मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का भी दिल से धन्यवाद और आभार।'
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने लेह के मेलांगथोंग स्थित उच्च न्यायालय परिसर में इस लद्दाख पीठ का उद्घाटन किया।
लद्दाख के संस्थागत विकास में इस उद्घाटन को एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
भाषा सुमित नरेश
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