नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 1989 में स्थापित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ‘भारत इम्यूनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल्स कॉरपोरेशन’ (बिबकोल) को बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस कदम को एक ‘‘त्रासदी’’ करार दिया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ओरल पोलियो टीके के निर्माण में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मार्च 1989 में बुलंदशहर में इसकी स्थापना की गई थी।
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस पहल में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी ने व्यक्तिगत रूप से गहरी दिलचस्पी ली थी।
उन्होंने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाने की दिशा में वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद बिबकोल मुश्किल दौर में पहुंच गई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ साल पहले खबर आई थी कि कंपनी कोवैक्सीन (कोविड-19 के टीके) का उत्पादन शुरू करेगी, लेकिन जाहिर है कि यह योजना साकार नहीं हो सकी।
रमेश ने कहा, ‘‘अब (नरेन्द्र) मोदी सरकार ने इसे बंद करने का फैसला किया है और इसमें कोई संदेह नहीं कि नये जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित इसकी करीब 60 एकड़ जमीन भी बेच दी जाएगी। यह कितनी बड़ी त्रासदी है।’’
पिछले साल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिबकोल के कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी और उनकी समस्याएं सुनी थी।
कांग्रेस ने इन कर्मचारियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने और हर हाल में उन्हें न्याय दिलाने का संकल्प लिया था।
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