रांची, 18 अक्टूबर (भाषा) झारखंड में सरकार से आश्वासन मिलने के बाद चिकित्सक संगठनों ने 22 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को रविवार को स्थगित कर दिया।
कम से कम आठ चिकित्सक संगठनों ने 27 सितंबर को चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का फैसला किया था। उनकी प्रमुख मांगों में छोटे अस्पतालों और एकल चिकित्सक या चिकित्सक दंपति द्वारा संचालित 'क्लीनिक' को नैदानिक प्रतिष्ठान अधिनियम (सीईए) के कुछ प्रावधानों से छूट देना और चिकित्सा सुरक्षा अधिनियम (एमपीए) लागू करना शामिल है।
भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की झारखंड इकाई और झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (जेएचएएसए) सहित अन्य संगठनों के आह्वान पर यह आंदोलन 13 अक्टूबर को शुरू हुआ था। इसके तहत चिकित्सक काली पट्टी (ब्लैक बैज) बांधकर नियमित रूप से काम कर रहे थे।
आईएमए के राज्य सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने कहा, ‘‘हमने घोषित आंदोलन को 14 दिसंबर तक स्थगित करने का फैसला किया है।’’
चिकित्सक संगठनों ने एक बयान में कहा, ‘‘चिकित्सकों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के संबंध में अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की टीम के साथ हुई बैठक और उसमें लिए गए निर्णयों के मद्देनजर सर्वसम्मति से राज्य सरकार को इन मांगों को पूरा करने के लिए 14 दिसंबर तक का समय देने का फैसला किया गया है।’’
बयान में कहा गया कि यदि मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता और निर्धारित समय-सीमा तक उनका समाधान नहीं होता है तो राज्यभर के चिकित्सक 15 दिसंबर से हड़ताल शुरू कर देंगे और सभी कामकाज बंद कर देंगे।
भाषा प्रचेता नरेश
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