नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) कानून मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेशों में कोर्ट फीस और स्टांप नियमों से जुड़े उल्लंघन के मामलों से निपटने के लिए एक व्यवस्था बनाने के सिलसिले में नए नियम जारी किए हैं।
शनिवार को जारी किए गए ‘केंद्र शासित प्रदेश न्यायालय शुल्क (जुर्माने का निर्धारण व अपील) नियम, 2026’ के जरिए न्यायालय शुल्क अधिनियम, 1870 की धारा 34ए और 34बी को लागू किया गया है।
इन धाराओं को हाल ही में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत संशोधन के बाद जोड़ा गया था।
इन नियमों में अदालती शुल्क की व्यवस्था में बदलाव करने के बजाय प्रशासनिक स्तर पर नियमों को लागू करने, जवाबदेही तय करने और विवादों का समयसीमा के भीतर समाधान करने पर ध्यान दिया गया है।
संशोधित जन विश्वास कानून के तहत न्यायालय शुल्क अधिनियम में बदलाव किया गया है। इसके तहत स्टांप बेचने के नियमों के छोटे और धोखाधड़ी से ना जुड़े होने वाले उल्लंघनों के लिए आपराधिक सजा की जगह आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नए अधिसूचित नियमों के तहत राजस्व अधिकारी, लाइसेंस प्राप्त स्टांप विक्रेता और आम लोग नियमों के उल्लंघन की शिकायत निर्धारित अधिकारियों से कर सकते हैं। इन अधिकारियों को न्यायालय शुल्क अधिनियम के तहत जांच करने और जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है।
नियमों में शिकायत दर्ज करने, कारण बताओ नोटिस जारी करने और अपील दायर करने के लिए एक जैसे प्रारूप तय किए गए हैं। इससे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश