कोलकाता, 18 अक्टूबर (भाषा) ममता तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने रविवार को आरोप लगाया कि कोलकाता के प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में घायल हुए लोगों को ‘कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल’ में इलाज शुरू होने के बाद एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
इन आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बारिश के बीच भारी भीड़ उमड़ने से मची भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। घायल लोगों में से 14 एक निजी अस्पताल भर्ती हैं।
ममता तृणमूल कांग्रेस के नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘मेडिकल कॉलेज कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है; यह एक बड़ा अस्पताल है। कनिष्ठ चिकित्सकों ने इलाज शुरू कर दिया था। फिर इलाज के बीच में ही घायलों को दूसरे अस्पतालों में क्यों स्थानांतरित किया गया? क्या यह जानकारी दबाने की कोशिश है?'
घोष ने आरोप लगाया कि घायलों को इसलिए स्थानांतरित किया गया ताकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब इस साफ-सुथरे अस्पताल का दौरा करें, तो उन्हें लगे कि सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, कोई भी मरीजों से नहीं मिल पाएगा। अनौपचारिक रूप से उनके मुंह बंद रहेंगे और घटना का ब्योरा देने वाला कोई भी बयान सामने नहीं आएगा।’’
घोष ने कहा कि हालांकि चिकित्सकीय सलाह पर व्यक्तिगत मामलों में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजा जा सकता है, लेकिन इलाज के दौरान सामान्य रूप से सभी मरीजों का स्थानांतरण किया जाना जांच का विषय है।
उन्होंने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
भाषा सुमित नेत्रपाल
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