(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, 18 अक्टूबर (भाषा) नेपाल में 10-दिवसीय बड़ा दशईं त्योहार के आठवें दिन महा अष्टमी के मौके पर रविवार को काठमांडू घाटी में देवी दुर्गा को समर्पित मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
नेपाल में हिंदू समुदाय के लिए महा अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन वे देवी के महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं, जो क्रमशः शक्ति, धन और ज्ञान से जुड़ी हुई हैं।
बड़ा दशईं नेपाल का सबसे बड़ा हिंदू त्योहार है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें सामूहिक रूप से ‘नवदुर्गा’ कहा जाता है। यह उत्सव दसवें दिन यानी विजयादशमी के मौके पर संपन्न होता है।
विजयादशमी के दिन घर के बड़े-बुजुर्ग परिवार के छोटे सदस्यों को सिंदूर, दही और चावल का टीका लगाते हैं तथा आशीर्वाद के रूप में उन्हें ‘जमारा’ (जौ के अंकुर) देते हैं।
गुहेश्वरी, नक्सल भगवती, भद्रकाली, शोवा भगवती, बिजेश्वरी, इंद्रायणी, रक्तकाली, बज्रयोगिनी और तालेजू भवानी सहित काठमांडू के प्रमुख मंदिरों में रविवार को भारी भीड़ जमा हुई। त्योहार के लिए मंदिरों को रंगीन रोशनी और कागज के झंडों से सजाया गया था।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत कई मंदिरों में पशु बलि दी गई। कई जगहों पर ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ भी किया गया, जो मार्कंडेय पुराण से जुड़ा एक पवित्र ग्रंथ है।
भाषा पारुल सुरेश
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