अमरावती, 18 अक्टूबर (भाषा) युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर स्थानीय निकाय चुनावों में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए हमलों, धमकियों और पुलिस का सहारा लेने का रविवार को आरोप लगाया।
ताडेपल्ली में वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जगन ने दावा किया कि सत्ताधारी गठबंधन हार के डर से उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए अलोकतांत्रिक हथकंडे अपना रहा है।
उन्होंने कहा, “तेदेपा के नेतृत्व वाला राजग हमलों, धमकियों और पुलिस के दुरुपयोग के जरिये विपक्षी उम्मीदवारों को स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने से रोक रहा है।”
जगन ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीन लिए गए, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके सहयोगियों पर हमले किए गए, उनका अपहरण किया गया और उन्हें डराया-धमकाया गया।
उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवाने और आगजनी की घटनाओं को अंजाम देने का आरोप लगाया।
जगन ने दावा किया कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को जनादेश पर भरोसा नहीं है और वह चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए सरकारी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और तेदेपा समर्थकों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
पिछले स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए जगन ने कहा कि जब तेदेपा के “कट्टर समर्थक” एन रमेश कुमार राज्य निर्वाचन आयुक्त थे, तब वाईएसआरसीपी ने 90 फीसदी से अधिक की सफलता दर हासिल की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन अब उसी तरह के हथकंडे अपना रहा है, जबकि उनके पास एक ऐसा निर्वाचन आयुक्त है, जो तेदेपा के प्रति निष्ठावान है।
जगन ने नेताओं की ओर से निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि इस व्यवस्था में कुछ ऐसी संरचनात्मक कमियां हैं, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को कमजोर करती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कडप्पा, पुंगनूर और तिरुपति में वाईएसआरसीपी सांसदों और कार्यकर्ताओं को रोका गया; वहां या तो उनके नामांकन पत्र जब्त कर लिए गए या स्वीकार नहीं किए गए, उनके वाहनों पर हमले किए गए और उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई।
जगन ने कहा कि पुलिवेंदुला में पुलिसकर्मियों ने तेदेपा के पक्ष में काम किया और नामांकन दाखिल करने आए उम्मीदवारों को डराने-धमकाने के लिए पथराव किए तथा हवा में गोलियां चलाईं। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई इस कथित गोलीबारी को अभूतपूर्व बताया।
जगन ने आरोप लगाया कि तेदेपा समर्थकों को समूहों में इकट्ठा होने दिया गया, जबकि वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं को नामांकन केंद्रों में प्रवेश करने से रोक दिया गया, भले ही उनके साथ नियमों के तहत अनुमति प्राप्त चार लोग मौजूद थे।
तेदेपा की ओर से इन आरोपों पर फिलहार कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आंध्र प्रदेश में 100 स्थानीय शहरी निकायों के चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 30 अक्टूबर को की जाएगी।
मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) के चुनावों के लिए वोट तीन नवंबर को डाले जाएंगे, जबकि मतगणना पांच नवंबर को होगी।
ग्राम पंचायत चुनाव के लिए मतदान 26 नवंबर, 29 नवंबर और 2 दिसंबर को तीन चरणों में होंगे। प्रत्येक चरण के नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे।
भाषा पारुल सुभाष
सुभाष