कोलकाता, 18 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान जान गंवाने वाले 19 लोगों में से 18 राज्य के विभिन्न हिस्सों के रहने वाले थे, जबकि एक व्यक्ति बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी था।
राज्य के सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन में उच्चस्तरीय बैठक के बाद शुभेंदु ने कहा कि पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने शव संबंधित परिजनों को सौंपने के लिए मजिस्ट्रेट और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को नियुक्त किया है। अंतिम संस्कार पूरा होने तक ये अधिकारी मृतकों के परिवारों के साथ रहेंगे।’’
शुभेंदु ने कहा कि वह भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों से 20 और 21 अक्टूबर को मुलाकात करेंगे, उन्हें सांत्वना देंगे और 25-25 लाख रुपये की मुआवजा राशि के चेक सौंपेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं दो दिन में अधिक से अधिक परिवारों से संपर्क करने की कोशिश करूंगा। कोलकाता से 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले मृतकों के परिजनों के घरों तक मैं सड़क मार्ग से जाऊंगा। वहीं, इससे अधिक दूरी पर रहने वाले परिजनों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करूंगा, बशर्ते मौसम अनुकूल रहे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी से कोलकाता पुलिस, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और दमकल विभाग के उन कर्मियों को बाहर रखा गया है, जिनकी भूमिका की जांच की जानी है।
उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल जल्द ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे को पत्र लिखकर एसआईटी की अध्यक्षता के लिए उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश को नियुक्त करने की अनुमति मांगेंगे।
शुभेंदु ने कहा, ‘‘इस टीम में गृह विभाग के एक अधिकारी, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रतिनिधि तथा राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव शामिल हैं। यदि मुख्य न्यायाधीश अनुमति देते हैं, तो हम एसआईटी की अगुवाई के लिए उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश को नियुक्त करेंगे। अन्यथा, हम किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की सेवा लेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने चोरबागान पूजा पंडाल में ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड की सूची मांगी है, ताकि भगदड़ की घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा सके।
उन्होंने कहा कि ये होमगार्ड नयी भर्ती किए गए कर्मी नहीं हैं और इनकी नियुक्ति वर्ष 2024 तथा 2025 के दौरान की गई थी।
भाषा
देवेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल