कोलकाता, 18 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा के सातवें दिन शनिवार शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत से उत्सव का माहौल मातम में तब्दील हो गया।
इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया और उनके लिए यह हादसा जीवन भर का दर्द बन गया।
उत्तर कोलकाता में पूजा पंडाल में शनिवार शाम बारिश के बीच भीड़ अचानक बढ़ने से भगदड़ मच गई।
इस घटना में 25 अन्य लोग घायल हो गए।
मृतकों में 13 महिलाएं और दो नाबालिग शामिल हैं।
अपनी बेटी को खोने से गमजदा एक रिक्शा चालक ने बताया कि हादसे वाली शाम वह काम पर था, तभी उसे खबर मिली कि उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई है और वह अपनी पत्नी के साथ तुरंत कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचा।
उन्होंने कहा, “अब हम जीवन में कभी दुर्गा पूजा नहीं मनाएंगे। हमने अपनी दुर्गा को खो दिया।”
इतना कहते हुए 17 वर्षीय बरनाली हलदर के पिता अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।
उन्होंने कहा, “हर साल दुर्गा पूजा के दौरान मेरी बेटी मेरी यादों में जीवित हो उठेगी।”
रिक्शा चालक ने बताया कि 11वीं कक्षा की छात्रा बरनाली अपनी छह सहेलियों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने गई थी।
उन्होंने कहा, “मेरी बेटी और एक अन्य लड़की बाहर नहीं निकल सकीं, जबकि समूह की बाकी लड़कियां बच निकलने में सफल रहीं।”
न्यू टाउन के गौरांगनगर निवासी ने कहा कि जब पंडाल में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी थी, तब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार लोगों को अधिक सक्रिय होना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि भीड़ बढ़ने के दौरान कम रोशनी वाले पंडाल से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था।
कुमारटुली में रहने वाले सौरव मंडल ने इस हादसे में अपनी मां मिठु मंडल को खो दिया।
उन्होंने कहा, “भगदड़ के दौरान मैं और मेरी मां गिर गए। एक समय मुझे लगा कि मैं जिंदा बाहर नहीं निकल पाऊंगा, क्योंकि कई लोग हमारे ऊपर गिर गए थे।”
सौरव ने बताया कि पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें खींचकर बाहर निकाला।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “मेरी मां की मौके पर ही मौत हो गई।”
सौरव ने यह भी कहा कि पंडाल के अंदर पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की संख्या “बहुत कम” थी।
बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली एक महिला ने भगदड़ में अपने पति को खो दिया। महिला के परिजनों ने यह जानकारी दी।
परिवार के एक सदस्य ने बताया, “वे पहली बार शहर में दुर्गा पूजा का उत्सव देखने के लिए शनिवार सुबह कोलकाता पहुंचे थे, लेकिन उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।”
उन्होंने बताया कि चोरबागान पंडाल जाने से पहले दंपति ने उनके घर पर दोपहर का भोजन किया था।
चोरबागान दुर्गा पूजा अपने विशेष विषयों पर आधारित पंडालों के लिए मशहूर है।
यह उत्तर कोलकाता में मुख्य सड़क चित्तरंजन एवेन्यू के पास है।
इसके आसपास कई अन्य प्रसिद्ध सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजन भी होते हैं।
भाषा जितेंद्र प्रशांत
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