देशभर में मंगलवार को दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की कामना की। वहीं, राष्ट्रपति ने नैतिकता, कर्तव्य और भारतीय संस्कृति के आदर्शों को अपनाते हुए समावेशी समाज और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
पीएम मोदी ने की सुख, समृद्धि और सफलता की कामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खुशी और आस्था से भरा यह त्योहार सभी के संकल्प को नई शक्ति दे।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पावन अवसर लोगों के भीतर नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया विकसित भारत बनाने का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी संदेश में उन्होंने दशहरे के आध्यात्मिक और नैतिक महत्व को बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि विजयादशमी भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम को धर्म, नैतिकता और सदाचार का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की जीत का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति नैतिकता और कर्तव्य के आदर्शों पर आधारित है। ऐसे में इस अवसर पर सभी नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के श्रेष्ठ मूल्यों को बनाए रखने और समावेशी समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों के सुख, अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देने की अपील की।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा
दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, नवरात्र के समापन पर मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। इस अवसर पर देशभर में पूजा-पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामलीला और रावण दहन का आयोजन किया जाता है।
यह त्योहार लोगों को अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर करने और समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा भी देता है। नशे की लत, जातिगत भेदभाव और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संकल्प लेकर दशहरे के संदेश को जीवन में उतारा जा सकता है। दशहरा हमें याद दिलाता है कि सत्य, धर्म और न्याय की राह पर चलकर ही एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।