नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य कारोबार संचालकों (एफबीओ) से कहा कि वे जल्द खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं का परिवहन नियंत्रित तापमान की परिस्थितियों में करें।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने राज्यों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी कड़ी निगरानी रखने और नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
एफएसएसएआई ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में बताया कि उसने पूरी आपूर्ति शृंखला के दौरान खोया, पनीर, मांस और मछली जैसे जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के रखरखाव, भंडारण और नियंत्रित तापमान में परिवहन को लेकर एक परामर्श जारी किया है।
प्राधिकरण ने कहा कि खाद्य कारोबार संचालकों को स्वच्छता और तापमान मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
एफएसएसएआई ने कहा कि उसने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची चार के तहत एफबीओ के लिए स्वच्छता और सफाई संबंधी निर्देश जारी किए हैं।
परामर्श में कहा गया, ‘‘एफएसएसएआई को पता चला है कि खोया, पनीर, मांस, मछली आदि जैसी जल्द खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं का कभी-कभी उचित तापमान की परिस्थितियों में रखरखाव, भंडारण या परिवहन नहीं किया जाता है।’’
नियामक ने कहा कि यदि इन खाद्य वस्तुओं को उचित तापमान में न रखा जाए, तो इनमें सूक्ष्मजीवों के पनपने और सड़ने का जोखिम बहुत अधिक रहता है।
लाइसेंस के तहत तय शर्तों के अनुसार एफबीओ के लिए खरीद/स्रोत से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक पूरी आपूर्ति शृंखला में निर्धारित तापमान बनाए रखना अनिवार्य है।
परामर्श में कहा गया कि नियमों का पालन न करने की स्थिति में अधिकारी खाद्य वस्तुओं की जब्ती और उन्हें नष्ट करने सहित उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।
भाषा पाण्डेय अजय
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