कोलकाता, 18 अक्टूबर (भाषा) उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल का थीम तैयार करने वाले कलाकार सुशांत शिबानी पाल ने आयोजन स्थल पर हुई भगदड़ की घटना को दुर्गा पूजा का ‘काला दिन’ बताया।
उत्तरी कोलकाता में शनिवार शाम बारिश के बीच पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।
पाल ने कहा, ‘‘यह दुखद घटना है, जिसकी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के दौरान कभी कल्पना नहीं की जा सकती। यह दुर्गा पूजा के लिए एक काला दिन है।’’
ऐसी घटना को रोकने के लिए किए गए एहतियाती उपायों के बारे में पूछे जाने पर पाल ने कहा कि कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन स्थल का दौरा किया था और 'लाइव वीडियो फीड' के जरिए स्थिति पर नजर भी रखी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी उपायों के बारे में बताया। लोग तस्वीरें लेने के लिए देवी की प्रतिमा के सामने रुक रहे थे, जिससे भीड़ जमा हो रही थी। पुलिस ने ऊपर से तस्वीरें लेने से रोकने के लिए कपड़े की कई परतें लगाने का सुझाव दिया था जो शनिवार दोपहर को लगा दी गई थी।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘मुझे बताया गया कि बारिश के कारण पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकलना चाहते थे जबकि बाहर से लोग लगातार अंदर आ रहे थे। इस कारण मची अफरा-तफरी के बीच यह दुखद घटना हुई।’’
घटना के बाद पूजा अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई। यह पंडाल ‘ऑर्ब’ थीम पर आधारित थी जिसका अर्थ 'ध्वनि से परे' है। इसकी कलात्मक सजावट और देवी की प्रतिमा को देखने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
पाल ने कहा, ‘‘हम अपनी कला के जरिए लोगों तक पहुंचने का प्रयास करते हैं। लेकिन इस तरह की घटना हम कभी नहीं चाहेंगे। मैंने पहले भी कई दुर्गा पूजा आयोजनों में काम किया है और इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना कोई असामान्य बात नहीं है।’’
भाषा प्रचेता शोभना
शोभना