कोटा, 18 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के कोटा शहर के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद होने वाली जटिलताओं के कारण 24 घंटे के भीतर दूसरी महिला की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
शुक्रवार रात 40 वर्षीय रेशमा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। रेशमा का 14 अक्टूबर को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में सिजेरियन प्रसव हुआ था जिसके बाद उन्हें गुर्दे से जुड़ी जटिलताएं हो गई थीं। यह उनका चौथा प्रसव था। रेशमा के परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया था।
दूसरी महिला की मौत शनिवार दोपहर हुई। बारां की रहने वाली रोशन बैरवा को खून की कमी थी और उन्हें उच्च जोखिम वाली मरीज माना गया था। एक रात पहले ही उनका सिजेरियन प्रसव हुआ था, जिसके बाद अचानक जटिलताएं पैदा होने से उनकी मौत हो गई।
रोशन को शुक्रवार शाम एक निजी अस्पताल से एनएमसीएच में स्थानांतरित किया गया था।
अस्पताल प्रशासन ने दावा किया कि रोशन की मौत का कारण रेशमा की मौत के कारण से अलग था।
एनएमसीएच के अधीक्षक आशुतोष शर्मा ने कहा, ‘‘रोशन उच्च जोखिम वाली मरीज थीं और उन्हें शुक्रवार शाम एक निजी अस्पताल से यहां भेजा गया था। सिजेरियन प्रसव के बाद उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव (पीपीएच) हुआ। रक्त चढ़ाने के बावजूद डॉक्टर रक्तस्राव रोक नहीं पाए और शनिवार सुबह 11:30 बजे उनकी मौत हो गई।’’
शर्मा ने स्पष्ट किया कि रोशन की मौत प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई और इसका गुर्दे की अचानक खराबी से कोई संबंध नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि रोशन के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने और आगे कोई कार्रवाई करने से इनकार किया जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, एक अन्य महिला 30 वर्षीय अनीता की हालत स्थिर है। बुधवार को सिजेरियन प्रसव के बाद उन्हें भी गुर्दे से जुड़ी जटिलताएं हो गई थीं। फिलहाल वह अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
इसी अस्पताल में मई में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी, जब प्रसव के बाद 12 महिलाओं को गुर्दे से जुड़ी गंभीर समस्याएं हुई थीं। इनमें से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।
भाषा शोभना नेत्रपाल
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