अंबाला (हरियाणा), 17 अक्टूबर (भाषा) भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के बैनर तले किसानों ने धान की खरीद से जुड़ी समस्याओं के विरोध में शनिवार को यहां नयी अनाज मंडी के बाहर अंबाला-हिसार राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया।
सड़क जाम होने से राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रैक्टर और ट्रॉलियों से पहुंचे किसान सड़क पर धरने पर बैठ गए।
स्थिति की जानकारी मिलने पर उप मंडल मजिस्ट्रेट दर्शन लाल और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और उनसे सड़क खाली करने का अनुरोध किया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने जाम जारी रखा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग है कि धान की खरीद के लिए निर्धारित 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा हटाई जाए, ताकि उनकी पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जा सके।
किसानों का कहना है कि निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में लाए गए धान की भी खरीद की जानी चाहिए। उन्होंने खरीद की सीमा बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग की है।
इसके अलावा, किसानों ने 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर फसलों के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की। इस पोर्टल पर सत्यापन उपज बेचने के लिए जरूरी है।
किसानों ने नमी के आधार पर उपज के मूल्य में कटौती बंद करने की भी मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने मंडियों से खरीदे गए अनाज का जल्द उठान करने और किसानों को समय पर भुगतान की मांग उठाई।
किसान नेता अमरजीत सिंह मोहरी ने सवाल उठाया कि जब किसान प्रति एकड़ 30 क्विंटल से अधिक धान पैदा कर रहे हैं, तो खरीद की सीमा 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ क्यों तय की गई है।
अन्य किसान नेताओं ने भी सरकार की इस नीति को 'किसान विरोधी' बताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश