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लोकतंत्र में सवाल पूछना अराजकता नहीं, जनता का अधिकार: अशोक गहलोत

जयपुर, 17 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अराजकता नहीं, जनता का अधिकार है।

गहलोत ने नयी दिल्ली में कांग्रेस व विपक्ष के हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन इस देश में हमेशा से होता आया है, और उसकी मांग करना न अपराध है, न साजिश।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने एक बयान में यह बात कही।

उन्होंने कहा, “भाजपा के बड़े नेता अब कह रहे हैं कि विपक्ष बांग्लादेश जैसी अराजकता और आंदोलनों से सत्ता बदलना चाहता है। भाजपा को बताना चाहिए कि राहुल गांधी की अगुवाई में हो रहे इस आंदोलन में कहां हिंसा नजर आई? लंबे समय बाद 12 अक्टूबर को दिल्ली में इतना अनुशासित, शांतिपूर्ण और उत्साह से भरा मार्च हुआ, जिसमें न सिर्फ 'इंडिया' गठबंधन के सभी दलों के राजनेता और राजनीतिक कार्यकर्ता, बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता, आम लोग और 'जेन-जी' भी शामिल हुए।”

गहलोत के अनुसार साल 2014 से पहले लोकपाल पर अन्ना हजारे का आंदोलन हुआ, कालाधन पर बाबा रामदेव ने आंदोलन किया और 2जी व 'कोलगेट' जैसे मुद्दों के नाम पर भी सड़कों पर आंदोलन हुए।

उन्होंने कहा, “2014 में कांग्रेस चुनाव हार गई और हमने जनादेश का सम्मान किया। हमने लोकतांत्रिक धरने-प्रदर्शनों को भाजपा की तरह देश-विरोधी साजिश या सरकार बदलने के लिए अराजकता फैलाने की कोशिश बताने का प्रयास नहीं किया।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष का काम ही है जनहित में सरकार का विरोध करना, उसकी पोल खोलना और जनता के बीच जाकर उसे सत्ता से हटाने की मांग करना।”

गहलोत ने कहा, “लोकतंत्र में सवाल पूछना अराजकता नहीं, जनता का अधिकार है। भाजपा जितना दबाने की कोशिश करेगी, यह आवाज उतनी ही बुलंद होगी।”

भाषा पृथ्वी जोहेब

जोहेब