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आईआईटी खड़गपुर ने विकसित की सौर ऊर्जा से चलने वाली रेहड़ी

कोलकाता, 17 अक्टूबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने सौर ऊर्जा से चलने वाली ऐसी रेहड़ी विकसित की है, जिसमें डिजिटल भुगतान की सुविधा भी है। इससे रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वाले विक्रेता स्थायी रूप से किसी सार्वजनिक स्थान पर कब्जा किए बिना अलग-अलग जगहों पर जाकर ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे।

रेहड़ी का अनावरण शुक्रवार को संस्थान परिसर में ‘नगर उद्यम-फुटपाथ विक्रेता से स्मार्ट उद्यमी’ कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान किया गया।

आईआईटी खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने इस तीन पहियों वाली खाद्य वेंडिंग मशीन (रेहड़ी) परियोजना की परिकल्पना की थी।

चक्रवर्ती ने कहा कि यह पहल संस्थान की हीरक जयंती के अवसर पर शुरू की गई योजनाओं का हिस्सा है। इसका मकसद प्रौद्योगिकी को सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए व्यावहारिक समाधानों में बदलना है।

यह रेहड़ी सौर ऊर्जा से चलती है और इसमें डिजिटल भुगतान की सुविधा के साथ उत्पादों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित करने की व्यवस्था तथा कचरे को तीन श्रेणियों में अलग करने की प्रणाली भी है।

चक्रवर्ती ने कहा कि दिन का कारोबार पूरा करने के बाद रेहड़ी को घर ले जाया जा सकता है। इससे विक्रेताओं को सार्वजनिक स्थानों पर स्थायी रूप से जगह घेरने की जरूरत कम होगी और वे दिनभर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर विभिन्न ग्राहक समूहों को अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

परीक्षण के लिए इस खाद्य वेंडिंग मशीन परियोजना को आईआईटी खड़गपुर के ‘सेतु क्लाउड किचन कनेक्ट’ मंच से जोड़ा जाएगा। इस मंच का उद्देश्य विक्रेताओं को डिजिटल पहचान, क्यूआर कोड आधारित पहुंच, नकदी रहित भुगतान, प्रशिक्षण और कारोबार का बेहतर रिकॉर्ड रखने की सुविधा उपलब्ध कराना है।

भाषा यासिर पाण्डेय

पाण्डेय