Breaking News

मुंबई के कुर्ला में 13 मंजिला इमारत में लगी आग, 3 बच्चों समेत 9 लोग घायल     |   यूक्रेन: कीव में रूसी हवाई हमले में 3 लोगों की मौत, 6 घायल     |   कोलंबिया में सोने की खदान ढही, 6 मजदूरों की मौत; 12 से 15 लापता     |   टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद बरेली में दिशा पाटनी के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई     |  

दीपके को जमानत मिली, शांति बनाए रखने के बॉण्ड पर हस्ताक्षर करने को कहा गया: पुलिस सूत्र

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को सशर्त जमानत दे दी गई और उनसे शांति बनाए रखने संबंधी बॉण्ड पर हस्ताक्षर करने को कहा गया। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

शुक्रवार को कनॉट प्लेस में कॉजपा के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली के झंडेवालान स्थित घर से बाहर निकलते ही दीपके को हिरासत में ले लिया गया था।

दीपके को 10 अक्टूबर को दिए गए शांति बॉण्ड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘शांति बॉण्ड में दिए गए आश्वासन के आधार पर, उन्हें छोड़ दिया गया। हम आगे की जानकारी के लिए लिखित आदेश का इंतजार कर रहे हैं।’’

दीपके को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी गई। हालांकि, पुलिस ने इस घटनाक्रम पर कोई बयान जारी नहीं किया है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस थाने और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।

पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के लिए एकत्र होने से पहले दीपके को दो नोटिस दिए थे। वह जैसे ही अपने घर से बाहर निकले, उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।

शुक्रवार को शाम पांच बजे निर्धारित मार्च से पहले नोटिस देने के लिए 20 से अधिक पुलिसकर्मी दीपके के झंडेवालान स्थित आवास पर पहुंचे।

पहले नोटिस में उन्हें कनॉट प्लेस के आसपास प्रदर्शन, जुलूस या रैली निकालने से रोक दिया गया था, जबकि दूसरा नोटिस विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने जारी किया था। यह दीपके और कॉजपा नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका पर लगाई गई बॉण्ड संबंधी शर्तों से जुड़ा था।

दूसरे नोटिस में दोहराया गया कि तीनों को एहतियातन हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छा आचरण करने का निर्देश दिया था।

दस अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन से पहले दीपके, दास और रांका को एहतियातन हिरासत में लिया गया था और दिल्ली कैंट पुलिस थाने में विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था। तीनों को 50-50 हजार रुपये के जमानती बांड भरने और एक साल तक शांति बनाए रखने तथा अच्छा आचरण करने का वचन देने के बाद रिहा कर दिया गया था।

पुलिस ने शुक्रवार को 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में कई प्राथमिकी दर्ज कीं।

भाषा आशीष रंजन

रंजन